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8 साल, 132 दिन और अनगिनत फैसले... योगी आदित्यनाथ बने सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री, तोड़ा गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उन्होंने 8 साल 132 दिन का कार्यकाल पूरा कर पंडित गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड तोड़ा, जिनका कार्यकाल 8 साल 127 दिन का था.

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वे अब पंडित गोविंद बल्लभ पंत को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं.

योगी आदित्यनाथ ने अब तक 8 साल और 132 दिन का कार्यकाल पूरा कर लिया है. जबकि गोविंद बल्लभ पंत, जो प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे थे, उन्होंने कुल 8 साल और 127 दिन तक यह पद संभाला था. यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं है, बल्कि एक ऐसे युग का परिचायक है जिसने प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और शासन शैली को गहराई से प्रभावित किया है.

19 मार्च 2017 से बदली प्रदेश राजनीति 

योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उस वक्त बहुत से लोगों के लिए यह एक अप्रत्याशित फैसला था, लेकिन आने वाले वर्षों में यही फैसला ऐतिहासिक बन गया. 2022 के विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा बहुमत पाया, तो योगी आदित्यनाथ को फिर से मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. वे उत्तर प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने लगातार दो बार पूर्ण कार्यकाल के साथ सत्ता संभाली. यह उपलब्धि उन्हें केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक स्थिर और निर्णायक नेतृत्व के प्रतीक के रूप में स्थापित करती है.

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गोरखपुर से संसद तक और फिर मुख्यमंत्री पद तक

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योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर भी कम प्रेरणादायक नहीं है. वर्ष 1998 में महज 26 साल की उम्र में उन्होंने गोरखपुर लोकसभा सीट से जीत हासिल कर राजनीति में प्रवेश किया. वे उस समय देश के सबसे युवा सांसदों में से एक थे. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वे लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद चुने गए. संसद में उनका तेवर, हिंदुत्व पर उनका रुख, और जनसमस्याओं पर उनका फोकस उन्हें भाजपा के उभरते हुए नेताओं में शामिल करता गया. साथ ही, वे गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ के महंत भी हैं, जिससे उन्हें धार्मिक और सामाजिक दोनों ही आधारों पर एक विशेष पहचान मिली.

क्यों खास है योगी का ये रिकॉर्ड?

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उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और राजनीतिक रूप से जटिल राज्य में मुख्यमंत्री पद पर लगातार टिके रहना कोई साधारण बात नहीं है. यहां सत्ता परिवर्तन अक्सर तेज़ी से होता रहा है. ऐसे में योगी आदित्यनाथ का लगातार दो बार पूर्ण बहुमत सरकार के साथ सत्ता में बने रहना, और अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करना, उनकी नेतृत्व क्षमता, निर्णय शैली और संगठनात्मक पकड़ को दर्शाता है. उनके कार्यकाल में कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, धार्मिक पर्यटन और डिजिटल प्रशासन जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं.

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अब प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा. तब तक यदि योगी आदित्यनाथ पद पर बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल 10 साल से भी अधिक हो जाएगा. यह एक ऐसा रिकॉर्ड होगा जिसे तोड़ पाना किसी भी नेता के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. योगी आदित्यनाथ का यह कीर्तिमान केवल आंकड़ों की बात नहीं है. यह एक ऐसे सख्त लेकिन संवेदनशील नेतृत्व की कहानी है, जिसने सत्ता को सेवा का माध्यम माना और विकास को अपना एजेंडा. उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजा में यह दिन हमेशा याद रखा जाएगा.

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