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राजधानी में कोरोना के 23 एक्टिव केस, गाजियाबाद भी चपेट में, दिल्ली अस्पतालों को जारी हुई एडवाइजरी
दिल्ली-NCR में कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी गई है. गाजियाबाद में 4 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. दिल्ली में 23 एक्टिव केस सामने आए हैं, जिसके चलते सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की गई है.
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देश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दी है और इस बार इसकी आहट दिल्ली-एनसीआर में सुनाई दे रही है. दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बीच अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR भी इस लहर की चपेट में आता दिख रहा है. गाजियाबाद में चार नए मरीज मिलने के बाद स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और राजधानी दिल्ली में एडवाइजरी जारी कर दी गई है.
दिल्ली में 23 एक्टिव केस, गाजियाबाद में भी बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल पूरे भारत में कुल 350 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 23 केस दिल्ली से हैं और 4 केस गाजियाबाद से सामने आए हैं. हालाँकि मामले गंभीर नहीं हैं लेकिन इनकी बढ़ती संख्या एक बार फिर से 2020 की तरह चिंता का कारण बन सकती है. गाजियाबाद जैसे सटे हुए जिले में केस आना NCR के लिए एक चेतावनी की तरह है.
अस्पतालों को तैयार रहने का निर्देश
दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की है. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि बेड्स, ऑक्सीजन और जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही अस्पतालों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए एलएनजेपी अस्पताल जरूर भेजा जाए.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जनता को आश्वस्त किया कि घबराने की जरूरत नहीं है. अभी जो केस सामने आए हैं उनमें अधिकतर सामान्य फ्लू जैसे लक्षण पाए गए हैं. सरकार की ओर से आठ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई है जो लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. मंत्री ने यह भी बताया कि सभी अस्पतालों से संपर्क किया जा रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
दिल्ली और एनसीआर में कोरोना का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हैं. समय रहते एडवाइजरी जारी करना, स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूत करना और जीनोम सीक्वेंसिंग जैसे कदम यह संकेत देते हैं कि प्रशासन किसी भी संभावित संकट से निपटने को तैयार है. आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन घबराने की नहीं. मास्क, सैनिटाइज़र और दूरी बनाए रखना अभी भी ज़रूरी है क्योंकि यह जंग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
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