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शादी के लिए 1900 युवकों ने दिया इंटरव्यू, टफ कॉम्पटिशन के बाद मात्र 11 का हो पाया सेलेक्शन, पूरी खबर हैरान कर देगी

क्या आपने कभी इंटरव्यू मैरिज के बारे में सुना है? नहीं सुना तो आज अपको एक ऐसे मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें मात्र 11 युवतियों के लिए 100 या 200 युवकों ने नहीं बल्कि 1900 युवकों ने अर्जी डाली. बकायदा इंटरव्यू दिया, तब जाकर मात्र 11 युवकों का दुल्हा बनने का सपना सच हो पाया. जानिए क्या है पूरा मामला

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लव मैरिज… अरेंज मैरिज के बारे में तो आपने सुना होगा. लव मैरिज उसे कहते हैं जिसमें जोड़ा एक दुसरे को जानता हो पहचानता है और दोनों विवाह के बंधन में बंध जाते हैं, अरेंज मैरिज उसे कहते है जिसमें परिवार की तरफ से युवक-युवती को मिलाया जाता है, फिर दोनों की शादी हो जाती है. लेकिन क्या आपने कभी इंटरव्यू मैरिज के बारे में सुना है? नहीं सुना तो आज अपको एक ऐसे मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें मात्र 11 युवतियों के लिए 100 या 200 युवकों ने नहीं बल्कि 1900 युवकों ने अर्जी डाली. बकायदा इंटरव्यू दिया, तब जाकर मात्र 11 युवकों का दुल्हा बनने का सपना सच हो पाया. 
दरअसल राजस्थान के अलग-अलग जिलों में बने महिला सदन जहां निर्वासित, उत्पीड़ित और उपेक्षित बालिकाएं रहती है. जब वे बालिग हो जाती है तो राज्य सरकार की ओर से विवाह का आयोजन कराया जाता है. महिला सदन में रहने वाली युवतियों की शादी के लिए युवाओं से आवेदन मांगे जाते हैं. आवेदकों का इंटरव्यू लिया जाता है और उसके बाद रिश्ता तय होता है.

11 युवतियों के लिए 1900 युवकों ने दिया इंटरव्यू
दरअसल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा हाल ही में एक विशेष पहल के तहत महिला सदन में रहने वाली 11 युवतियों के विवाह के लिए योग्य वरों की तलाश की गई. इसके लिए विभाग ने आमंत्रण जारी कर युवाओं से आवेदन मांगे थे, जिसके जवाब में 1900 से अधिक युवाओं ने आवेदन किए.
विभागीय अधिकारियों ने इन सभी आवेदकों का इंटरव्यू लिया, जिसके बाद योग्यता, व्यवहार और अन्य आवश्यक मानदंडों के आधार पर 11 युवकों का चयन हुआ. इन चयनित युवकों का विवाह महिला सदन की 11 युवतियों से सम्पन्न कराया जाएगा. चयनित युवकों में 6 युवक जयपुर से, 2 डीडवाना-कुचामन क्षेत्र से, जबकि शेष 3 युवक झुंझुनूं, कोटा और बारां जिलों से हैं. इस विशेष विवाह समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहेंगे, जिससे यह अवसर और भी गरिमामय बन जाएगा.

डोर-टू-डोर हुआ इंटरव्यू
महिला सदन में रहने वाली युवतियों के विवाह हेतु योग्य वर की तलाश के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था. इस समिति ने 1900 से अधिक आवेदक युवकों की विस्तृत जानकारी जुटाई. समिति के सदस्यों ने स्वयं युवकों के घर जाकर उनके कामकाज, व्यवसाय और रहन-सहन की जांच की. इसके साथ ही, आसपास के लोगों से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक व्यवहार के बारे में भी जानकारी एकत्र की गई.
जांच और मूल्यांकन के बाद कुछ योग्य युवकों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनकी महिला सदन में रहने वाली 11 युवतियों से मुलाकात करवाई गई. आपसी बातचीत और युवतियों की स्पष्ट सहमति के बाद विवाह के लिए रिश्ते तय किए गए.

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100 से ज्यादा युवतियों का हो चुका है विवाह
राज्य के विभिन्न जिलों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा महिला सदनों का संचालन किया जा रहा है. इन महिला सदनों में प्रवेश विभिन्न न्यायालयों, पुलिस विभाग, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्वयं पीड़ित महिलाओं के प्रार्थना पत्रों के आधार पर दिया जाता है.
यहां महिलाओं को आश्रय, सुरक्षा और पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाती है. उनके आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में विभाग द्वारा विवाह के माध्यम से पुनर्वास की व्यवस्था भी की जाती है. अब तक राज्य सरकार की पहल से 100 से अधिक युवतियों का सफलतापूर्वक विवाह कराया जा चुका है.

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