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पिता से किया था 90% का वादा, रिजल्ट से पहले छोड़ी दुनिया, भिंड में 15 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से गई जान

देश में साइलेंट अटैक के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. भिंड के आलमपुर में एक 15 साल की छात्रा की मौत हो गई. वह अपने कमरे में पढ़ाई के दौरान बेसुध हुई और फिर नहीं उठी.

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड (Bhind) जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. यहां 15 साल की लड़की की हार्ट अटैक से मौत हो गई. लड़की ने हाल ही में 10वीं बोर्ड परीक्षा दी थी. उसकी मौत भी पढ़ाई करते समय ही हुई.

मामला भिंड के आलमपुर का है. जहां 15 साल की छात्रा उर्वागी दुबे की साइलेंट अटैक से मौत हो गई. विनय कुमार दुबे की बेटी उर्वागी अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी. घर का माहौल सामान्य था. मां बगल के कमरे में टीवी देख रही थीं और छोटे भाई-बहन बाहर खेल रहे थे. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उस कमरे के भीतर मौत खामोशी से दस्तक दे चुकी है. 

साइलेंट हार्ट अटैक से गई जान 

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जब स्कूल से लौटने के बाद पिता विनय कुमार ने बेटी को आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तो वे कमरे के भीतर गए. वहां का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उर्वागी बिस्तर पर बेसुध पड़ी थी. परिजन आनन-फानन में उसे लेकर डॉक्टर के पास भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में मौत की वजह 'साइलेंट हार्ट अटैक' बताई जा रही है. 

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उर्वागी केवल 15 वर्ष की थी और पढ़ाई में बेहद कुशाग्र थी. अभी हाल ही में उसने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी. वह अपनी मेहनत को लेकर इतनी आश्वस्त थी कि उसने अपने माता-पिता से वादा किया था कि उसके 90 प्रतिशत से ज्यादा नंबर आएंगे, लेकिन किसे पता था कि नतीजों के आने से पहले ही वह खुद एक याद बन जाएगी.  

यह भी पढ़ें- 9 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत, स्कूल में खेलते समय गिरी, 4 महीने पहले भाई की हार्ट अटैक से गई थी जान

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उर्वागी के पिता विनय कुमार अरूसी हाईस्कूल में शिक्षक हैं. इस घटना ने परिवार के साथ-साथ रिश्तेदारों को भी झकझोर दिया. वहीं छोटे बच्चों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों के खतरों पर चिंता भी बढ़ा दी. कम उम्र में बढ़ते साइलेंट अटैक के मामले आज के समय की एक गंभीर चेतावनी हैं. 

हार्ट अटैक से गई थी 9 साल की बच्ची की जान 

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हाल ही में राजस्थान के नागौर से एक 9 साल की बच्ची की मौत का मामला सामने आया था. यह मामला नागौर के गोटन कस्बे के गोटन इंटरनेशनल स्कूल का है. जब 23 फरवरी की सुबह 9 साल की राजेंद्र बापेडिया की बेटी दिव्या स्कूल के ग्राउंड में खेल रही थी. खेलते समय वह अचानक मुंह के बल गिर गई. वहां मौजूद छात्र और टीचर भाग कर दिव्या के पास पहुंचे और हॉस्पिटल लेकर गए. जहां डॉक्टरों ने बताया कि दिव्या को हार्ट अटैक आया था. दिव्या पांचवी क्लास की छात्रा थी. 4 महीने पहले दिव्या के भाई अभिषेक की भी साइलेंट अटैक से ही जान गई थी. 

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