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दिलीप घोष के गंभीर आरोप, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश, ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना

दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं और कोर्ट का सहारा ले रही हैं. उन्होंने कहा कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है और विकास को क्यों रोका जा रहा है.

दिलीप घोष के गंभीर आरोप, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश, ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना
Image Credits: IANS
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पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच भाजपा नेता दिलीप घोष ने चुनाव प्रक्रिया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में अब भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं.  

दिलीप घोष ने टीएमसी पर लगाए आरोप

उन्होंने आईएएनएस से कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी जानबूझकर चुनाव में बाधा डाल रहे हैं और लोगों को बुलाकर अपने पास बैठा रहे हैं.

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उन्होंने यह भी दावा किया कि समाज के एक विशेष वर्ग के लोगों को धमकाया जा रहा है कि उन्हें सिर्फ टीएमसी के साथ ही रहना होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होगा.

भाजपा नेता ने कहा कि हर चुनाव में चुनाव आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़ने पर अधिकारियों का तबादला करता है. स्वतंत्र और निष्पक्ष इलेक्शन के लिए ऐसे कदम जरूरी होते हैं.

राज्य में विकास कार्यों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा

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इसके अलावा, दिलीप घोष ने राज्य में विकास कार्यों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मेट्रो ट्रेन परियोजना पूरी हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग न करने के कारण इसका उद्घाटन अब तक नहीं हो पाया है. उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि जनता के पैसे से बने प्रोजेक्ट का लाभ लोगों तक नहीं पहुंचाया जा रहा है.

दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं और कोर्ट का सहारा ले रही हैं. उन्होंने कहा कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है और विकास को क्यों रोका जा रहा है.

दिलीप घोष ने टीएमसी को बताया 'स्पीड ब्रेकर' जैसी सरकार 

उन्होंने ममता सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जनता को सोचना चाहिए कि क्या 'स्पीड ब्रेकर' जैसी सरकार को रखना चाहिए या नहीं.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होना है. पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी. वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.

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