अंग्रेजों ने लगभग 200 साल तक भारत पर राज किया, लेकिन उनकी एक बड़ी ख्वाहिश कभी पूरी नहीं हो सकी – गोवा पर कब्ज़ा। जब अंग्रेज भारत आए, तब गोवा पहले से ही पुर्तगालियों के कब्जे में था। ब्रिटिश हुकूमत ने कई बार इसे जीतने की कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रही। 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन गोवा अभी भी पुर्तगाल के अधीन था।
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स्पेशल्स10 Mar, 202510:56 PMअंग्रेजों ने भारत को गुलाम बनाया, लेकिन गोवा ब्रिटिश हुकूमत से बचा रहा?
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स्पेशल्स07 Mar, 202511:08 PMजब एक अंग्रेज ने मुगलों की चाटुकारिता कर भारत में रख दी थी ब्रिटिश राज की नींव!
क्या आप जानते हैं कि भारत की गुलामी की असली कहानी 1608 में ही शुरू हो गई थी? जब ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला जहाज ‘हेक्टर’ भारत पहुंचा और उसके साथ आया विलियम हॉकिंस – एक ऐसा अंग्रेज जिसने मुगलों की चाटुकारिता करके उनकी नजरों में खास जगह बना ली।
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स्पेशल्स05 Mar, 202511:48 PMअंग्रेजों को दहेज में मिला था भारत का सबसे बड़ा शहर, जानिए इस ऐतिहासिक सौदे की पूरी कहानी
क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण शहर मुंबई कभी अंग्रेजों को दहेज में दिया गया था? 17वीं शताब्दी में जब इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय ने पुर्तगाल की राजकुमारी कैथरीन ऑफ ब्रगंजा से शादी की, तो पुर्तगाल ने दहेज में बॉम्बे (आज का मुंबई) अंग्रेजों को सौंप दिया।
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स्पेशल्स01 Mar, 202511:02 PMइस मुगल बादशाह के कत्ल के तरीके जानकर कांप जाएगी आपकी रूह
इतिहास में कई ऐसे क्रूर शासक हुए हैं, जिन्होंने अपनी बेरहमी से लोगों को दहला दिया। लेकिन इस मुगल बादशाह की हत्या करने की आदत और तरीके इतने अजीब और खौफनाक थे कि जानकर रूह कांप जाती है। उसने हर बार नए तरीके से लोगों को मारने का इंतजाम किया, जिससे वह और भी डरावना बन गया।
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स्पेशल्स01 Mar, 202501:06 AMभारत के सबसे बड़े गद्दार, जिन्होंने देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिया
भारत का इतिहास में कुछ ऐसे लोग भी हुए जिन्होंने अपने ही लोगों से गद्दारी कर देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ने का काम किया। अगर इन गद्दारों ने विदेशी आक्रांताओं का साथ न दिया होता, तो शायद भारत पर सैकड़ों साल तक मुगलों और अंग्रेजों का राज नहीं होता।
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स्पेशल्स27 Feb, 202509:05 PMनजफगढ़ या नाहरगढ़? दिल्ली के इस इलाके के नाम को लेकर क्यों छिड़ा है विवाद?
दिल्ली का नजफगढ़ इन दिनों सुर्खियों में है, क्योंकि इसका नाम बदलकर ‘नाहरगढ़’ करने की मांग उठी है। विधायक नीलम पहलवान ने दिल्ली विधानसभा में दावा किया कि 1857 की क्रांति के दौरान राजा नाहर सिंह ने इस क्षेत्र में वीरता दिखाई थी, इसलिए इसे नाहरगढ़ कहा जाना चाहिए। लेकिन इतिहास में नजफगढ़ का संबंध मुगल सेनापति मिर्जा नजफ खान से भी जुड़ा है, जिन्होंने 18वीं शताब्दी में इसे एक सैन्य केंद्र के रूप में स्थापित किया था।
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स्पेशल्स20 Feb, 202511:47 PMमुगल हरम की हकीकत, जहाँ ऐश, रुतबा और साजिशें साथ-साथ चलती थीं
मुगल हरम इतिहास का एक रहस्यमयी हिस्सा रहा है, जहाँ बादशाहों की पत्नियाँ, कनीजें और सेविकाएँ निवास करती थीं। हरम केवल विलासिता का केंद्र नहीं था, बल्कि यह सत्ता संघर्ष, साजिशों और राजनीति का भी अखाड़ा था। यहाँ की महिलाएँ शाही ठाठ-बाट में रहती थीं, लेकिन उनकी स्वतंत्रता पूरी तरह खत्म हो जाती थी। कुछ महिलाएँ बादशाह की प्रिय बनकर सत्ता में प्रभावशाली हो गईं, जैसे नूरजहाँ और जहाँआरा बेगम, लेकिन अधिकतर का जीवन हरम की ऊँची दीवारों के भीतर ही समाप्त हो जाता था।
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दुनिया17 Feb, 202511:52 PMचीन बनाम ताइवान, क्या एशिया में एक और युद्ध की दस्तक?
ताइवान, जो खुद को स्वतंत्र राष्ट्र मानता है, चीन के लिए एक सामरिक और राजनीतिक चुनौती बन चुका है। हाल ही में अमेरिका ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से ताइवान की आजादी से जुड़े संदर्भ हटा दिए, जिससे चीन भड़क गया। इस कदम के बाद बीजिंग ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी और साफ कर दिया कि ताइवान पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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न्यूज29 Jan, 202510:05 AMISRO ने रचा इतिहास, NVA-02 नेविगेशन सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च कर पूरा किया 100 वां मिशन
ISRO Completes 100th Mission: जीएसएलवी-एफ15 रॉकेट ने सुबह 6:23 बजे उड़ान भरी, जिसमें एनवीएस-02 नेविगेशन सैटेलाइट अंतरिक्ष में पहुंचाया गया। यह लॉन्च इसरो की एक बड़ी उपलब्धि है, जो देश की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमताओं को दर्शाती है।
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स्पेशल्स25 Jan, 202511:24 PMगणतंत्र दिवस परेड का गौरवशाली इतिहास, जानें पहली बार कब और कैसे हुई थी परेड?
भारत हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाता है, जिसमें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। यह परेड देश की सैन्य शक्ति, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करती है।
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दुनिया17 Jan, 202512:42 PMक्यों हर राष्ट्रपति 20 जनवरी को ही लेता है शपथ? पढ़ें पूरा इतिहास
20 जनवरी का दिन अमेरिका के लिए बेहद खास है। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण है, जो हर चार साल में अमेरिका की लोकतांत्रिक भावना को फिर से जीवंत करता है। डोनाल्ड ट्रंप का 2025 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेना इस परंपरा का हिस्सा होगा, और यह दिन फिर से इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा।
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स्पेशल्स13 Jan, 202511:37 PMक्या आप जानते हैं, धरती पर जीवन का रहस्य इसकी रफ्तार में छिपा है
धरती पर जीवन के अस्तित्व के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं, लेकिन इनमें से एक बड़ा कारण है – पृथ्वी के घूमने की रफ्तार। हमारे ग्रह की घूर्णन गति समय के साथ धीरे-धीरे कम होती रही है, और इसका गहरा प्रभाव जीवन के विकास पर पड़ा है।
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न्यूज13 Jan, 202511:26 PMकौन है स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल के गुरु महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी जी महाराज?
स्टीव जॉब्स का नाम सुनते ही टेक्नोलॉजी की दुनिया के उस आइकॉन का चेहरा सामने आता है जिसने अपने आइडियाज और मेहनत से दुनिया को बदलकर रख दिया। लेकिन, शायद कम लोग जानते हैं कि उनकी पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स का आध्यात्म से गहरा जुड़ाव है। इस कड़ी में एक अहम नाम जुड़ता है – महामंडलेश्वर कैलासनंद गिरि जी महाराज। कौन हैं ये संत और कैसे उनकी शिक्षाओं ने लॉरेन पॉवेल के जीवन में गहरा प्रभाव डाला?