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राजस्थान विधानसभा में गैरहाजिर विधायकों पर स्पीकर वसु देव देवनानी की नाराजगी, सदन में उपस्थित रहने के दिए निर्देश

शुक्रवार को देवनानी ने कहा कि जब भी कोई विधायक प्रश्नकाल या शून्यकाल में मुद्दा उठाए, तो उसे सदन में जरूर मौजूद रहना चाहिए. उन्होंने सभी विधायकों को इस बारे में निर्देश भी दिए.

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06 Mar 2026
( Updated: 06 Mar 2026
03:53 PM )
राजस्थान विधानसभा में गैरहाजिर विधायकों पर स्पीकर वसु देव देवनानी की नाराजगी, सदन में उपस्थित रहने के दिए निर्देश
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राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वसु देव देवनानी ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल पूछने वाले कई विधायकों के सदन में मौजूद न रहने पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जो विधायक सवाल लगाते हैं, उनका जवाब सुनने के समय सदन में मौजूद रहना जरूरी है.

राजस्थान विधानसभा में गैरहाजिर विधायकों पर स्पीकर देवनानी नाराज

उन्होंने बताया कि ऐसा ही मामला एक दिन पहले भी सामने आया था, जब तीन-चार विधायक अपने सवाल सूची में होने के बावजूद सदन में मौजूद नहीं थे.

यह मुद्दा शुक्रवार को फिर से सामने आया, जब भाजपा विधायक जगत सिंह का चंबल-धौलपुर-भरतपुर मेगा पेयजल परियोजना से संबंधित प्रश्न चर्चा के लिए आया.

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अध्यक्ष ने बार-बार जगत सिंह का नाम पुकारा, लेकिन विधायक सदन में उपस्थित नहीं थे. जगत सिंह ने पूछा था कि नदबई क्षेत्र के उन गांवों को कब तक पीने का पानी मिलेगा, जो अभी भी इस परियोजना से वंचित हैं.

स्पीकर देवनानी विधायकों को सदन में रहने के दिए निर्देश

शुक्रवार को देवनानी ने कहा कि जब भी कोई विधायक प्रश्नकाल या शून्यकाल में मुद्दा उठाए, तो उसे सदन में जरूर मौजूद रहना चाहिए. उन्होंने सभी विधायकों को इस बारे में निर्देश भी दिए.

इस दौरान सदन में नेताओं के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. विपक्ष के उपनेता रामकेश मीणा ने अंबेडकर केंद्र और आधुनिक पुस्तकालय स्थापित करने की पिछली सरकार की घोषणा की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाया. इस प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि चूंकि वर्तमान में कोई आधुनिक पुस्तकालय परियोजना चल ही नहीं रही है, इसलिए आगे की प्रगति का कोई सवाल ही नहीं उठता.

विपक्ष के नेता ने की तीखी आलोचना

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इस टिप्पणी पर विपक्ष के नेता ने तीखी आलोचना की और मंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते हुए उन पर ज्ञान की कमी और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया.

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इस पर दिलावर ने कहा कि विपक्ष के नेता को पहले ठीक से पढ़ लेना चाहिए था. प्रस्ताव में डिजिटल लाइब्रेरी का जिक्र है, न कि आधुनिक लाइब्रेरी का. इस स्पष्टीकरण से सदन में बहस और तेज हो गई.

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