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जिस पर देशकरता है भरोसा

कनाडा से यूरेनियम डील पर पाकिस्तान के आरोपों की निकली हवा, भारत ने फिर लगाई लताड़; कहा- पहले खुद का रिकॉर्ड देखो...

भारत ने कनाडा के साथ हुए यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि परमाणु अप्रसार के मामले में भारत की छवि बेदाग है और खराब रिकॉर्ड वाला पाकिस्तान इस तरह के आरोप लगाकर केवल ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

कनाडा से यूरेनियम डील पर पाकिस्तान के आरोपों की निकली हवा, भारत ने फिर लगाई लताड़; कहा- पहले खुद का रिकॉर्ड देखो...
Randhir Jaiswal (File Photo)
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भारत का पड़ोसी और दुश्मन देश पाकिस्तान अपनी ओछी हरकतों से बाज ना आने की कसम खा रखी है. यही वजह है कि पाकिस्तान को भारत हर मोर्चे पर तगड़ी लताड़ लगता रहता है. ताजा मामला हाल ही में भारत और कनाडा के बीच हुए यूरेनियम आपूर्ति समझौते को लेकर पाकिस्तान ने कई आरोप लगाए थे. अब भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. भारत का कहना है कि परमाणु अप्रसार के मामले में उसकी छवि पूरी तरह साफ है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान का बयान देना पूरी तरह हास्यास्पद है.

विदेश मंत्रालय ने दिया पाकिस्तान को करारा जवाब

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जिस देश का परमाणु विस्तार के मामले में रिकॉर्ड पहले से ही सवालों के घेरे में रहा है, उसके द्वारा इस तरह की नसीहत देना बिल्कुल भी उचित नहीं है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत परमाणु अप्रसार के नियमों का पूरी तरह पालन करता है और वैश्विक समुदाय को इस बात की अच्छी तरह जानकारी है.

भारत-कनाडा यूरेनियम समझौता क्या है?

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दरअसल हाल ही में भारत और कनाडा के बीच करीब 2.6 अरब डॉलर का एक बड़ा यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत कनाडा की कंपनी कैमेको वर्ष 2027 से 2035 के बीच भारत को लगभग दो करोड़ बीस लाख पाउंड यूरेनियम उपलब्ध कराएगी. इस दीर्घकालिक समझौते का उद्देश्य भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को मजबूत बनाना है ताकि देश में स्वच्छ और स्थिर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सके.

पाकिस्तान ने उठाए थे सुरक्षा से जुड़े सवाल

इस समझौते के सामने आते ही पाकिस्तान ने इस पर आपत्ति जताई और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया. पाकिस्तान का कहना था कि इस तरह के समझौते से दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन प्रभावित हो सकता है. लेकिन भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए साफ कहा कि पाकिस्तान अपने खराब परमाणु इतिहास से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

अफगानिस्तान मुद्दे पर भी पाकिस्तान को सुनाया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ भड़का रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से अपनी नाकामियों और आंतरिक समस्याओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करता रहा है. सीमा पार आतंकवाद को लेकर भी पाकिस्तान की भूमिका पर कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ चुके हैं.

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आतंकवाद पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल

भारत का कहना है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के रूप में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पहले ही कमजोर हो चुकी है. ऐसे में भारत के खिलाफ नए-नए आरोप लगाकर वह दुनिया को गुमराह नहीं कर सकता. भारतीय प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि झूठे आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलती और न ही पाकिस्तान खुद को पीड़ित साबित कर पाएगा.

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बताते चलें कि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव अब भी बरकरार है. हालांकि भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है.

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