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'राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में भेजे थे एक लाख मिलावटी लड्डू', जगन मोहन रेड्डी पर बरसे पवन कल्याण, बोले- ये घिनौना काम था

आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तत्कालीन जगन मोहन रेड्डी सरकार पर ग़ुस्सा निकाला है और राम मंदिर के लिए भेजे गए प्रसाद में मिलावट की बात कही है. पवन कल्याण ने इस पर नाराजगी ज़ाहिर करते हुए इस घिनौना काम बताया है.

'राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में भेजे थे एक लाख मिलावटी लड्डू', जगन मोहन रेड्डी पर बरसे पवन कल्याण, बोले- ये घिनौना काम था
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तिरुपति तिरुमाला मंदिर के पावन श्रीवारी लड्डू प्रसादम की मिठास में जब मिलावट का कड़वा सच घुला, तो वह केवल घी की अशुद्धता का मामला नहीं था, बल्कि करोड़ों सनातनी हृदय की अटूट आस्था पर हुआ एक गहरा प्रहार था, सदियों से जिस प्रसादम को भक्त अपनी आंखों से लगाकर मोक्ष का आधार मानते आए, उसमें पशु चर्बी और मछली के तेल की मौजूदगी की खबर ने हर हिंदू की आत्मा को झकझोर कर रख दिया, जिस चौखट पर दुनिया भर के लोग नतमस्तक होते हैं, उसी पवित्र जगह पर चंद रुपयों के लालच के लिए धार्मिक मर्यादाओं को सूली पर चढ़ा दिया गया था, यह केवल एक प्रशासनिक-सरकारी लापरवाही नहीं थी, बल्कि उन करोड़ों आंखों के साथ किया गया छल था, लेकिन धोखे और मक्कारी का यह सिलसिला केवल तिरुपति तक ही सीमित नहीं रहा. 

जगन मोहन रेड्डी पर पवन कल्याण का बड़ा हमला

अयोध्या के नव-निर्मित भव्य राम मंदिर के प्रसादम को भी इसने अपने घेरे में ले लिया, जब यह संदेह गहराया कि रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में बांटे गए लड्डू में भी मिलावट हुई थी, तो मानो हर सनातनी का धैर्य जवाब दे गया, इसीलिए तो आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तत्कालीन जगन मोहन रेड्डी सरकार पर ग़ुस्सा निकाला है और राम मंदिर के लिए भेजे गए प्रसाद में मिलावट की बात कही है, जिसके बाद अब एक बार फिर कई सवालों के साथ बवाल मच गया है. 

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'राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में भेजे थे एक लाख मिलावटी लड्डू'

आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी पर पवन कल्याण ने ज़ोरदार हमला बोलते हुए कहा, “जब पूरा देश राम मंदिर के उद्घाटन की खुशी मना रहा था, तब जगन मोहन रेड्डी सरकार ने करीब एक लाख मिलावटी लड्डू अयोध्या भेजे,  ये पवित्र मौके पर किया गया घिनौना काम था, लड्डू में शुद्ध घी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं हुआ, इसके बजाय वनस्पति घी या पाम ऑयल जैसे सस्ते तेलों का इस्तेमाल किया गया, यह सिर्फ मिलावट नहीं, बल्कि पूरी तरह से शुद्ध घी को सस्ती चीजों से बदलने का काम है, लाखों ऐसे मिलावटी लड्डू बनाए और बांटे गए, जिनमें से एक लाख राम मंदिर को भेजे गए.”

नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की रिपोर्ट 

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जुलाई 2024 में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने घी के कुछ सैंपल जांच के लिए गुजरात की लैब में भेजे थे

लैब ने इसकी रिपोर्ट 16 जुलाई 2024 को जारी की, जिसमें घी की शुद्धता मापने वाले S-Value के मानक से बाहर होने की बात कही गई

रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया कि, मिलावट में पशुओं की चर्बी, मछली का तेल और पॉल ऑयल इस्तेमाल हुआ 

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी साधा निशाना 

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वहीं इस मामले को लेकर आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी  तत्कालीन जगन मोहन रेड्डी सरकार पर निशाना साध है. उन्होंने कहा, “जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने तिरुपति लड्डू में मिलावटी घी इस्तेमाल किया, जिसमें बाथरूम साफ करने वाले केमिकल मिले थे, इससे भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, यह मिलावट सिर्फ तिरुपति तक नहीं, बल्कि श्रीशैलम मंदिर में भी 5 साल तक चली, जांच में 2 तरह के केमिकल पाए गए, एक वनस्पति आधारित और महंगा, दूसरा जानवरों की चर्बी से बना और सस्ता, सस्ती चर्बी का इस्तेमाल इसलिए हुआ क्योंकि यह शुद्ध घी से कम कीमत वाला था.”

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