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न राजधानी, न शताब्दी और न ही वंदे भारत… ये बनी भारत की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन, जानिए क्या है इसकी खासियत

क्या आप जानते हैं कि आज देश की सबसे तेज़ ट्रेन कौन सी है?
अगर नहीं, तो जान लीजिए ‘नमो भारत’ अब भारत की सबसे तेज़ दौड़ने वाली ट्रेन बन चुकी है, जो 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती है. जानिए इसकी खासियत

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12 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:51 AM )
न राजधानी, न शताब्दी और न ही वंदे भारत… ये बनी भारत की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन, जानिए क्या है इसकी खासियत
India's Fastest Train
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जब भी भारत में तेज रफ्तार ट्रेनों का जिक्र होता है, तो सबसे पहले राजधानी या शताब्दी एक्सप्रेस का नाम सामने आता है. लेकिन अब वक्त बदल चुका है. रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रही है और ट्रेनों को नए युग के हिसाब से अपग्रेड कर रही है. तो क्या आप जानते हैं कि आज देश की सबसे तेज़ ट्रेन कौन सी है?
अगर नहीं, तो जान लीजिए ‘नमो भारत’ अब भारत की सबसे तेज़ दौड़ने वाली ट्रेन बन चुकी है, जो 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती है.

देश की सबसे तेज़ ट्रेन बनी ‘नमो भारत’

दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के 55 किलोमीटर लंबे खंड पर दौड़ने वाली ‘नमो भारत’ ट्रेन अब देश की सबसे तेज़ ट्रेन बन गई है. यह ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है, जो फिलहाल भारतीय रेल नेटवर्क पर किसी भी ट्रेन की सबसे ऊंची गति है.

इससे पहले 2016 में शुरू हुई गतिमान एक्सप्रेस देश की पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन थी, जो हजरत निजामुद्दीन से आगरा के बीच विशेष पटरियों पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती थी. बाद में वंदे भारत एक्सप्रेस को भी इसी अधिकतम गति के लिए डिजाइन किया गया, लेकिन 24 जून 2024 को रेल मंत्रालय ने बिना कारण बताए सभी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की रफ्तार घटाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दी.

वर्तमान में, भारतीय रेल नेटवर्क पर सभी ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा के साथ चलती हैं. ऐसे में ‘नमो भारत’ का 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ना भारतीय रेल यातायात के लिए नया मील का पत्थर साबित हो रहा है.

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हर 15 मिनट में ‘नमो भारत’ ट्रेनें, सिर्फ एक घंटे में सफर पूरा

पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर से उत्तर प्रदेश के मेरठ दक्षिण तक ‘नमो भारत’ की 30 ट्रेनें दौड़ रही हैं. हर ट्रेन में 6 डिब्बे हैं और ये ट्रेनें हर 15 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन से रवाना होती हैं. 11 स्टेशनों वाले इस रूट पर, कुछ खंडों में ट्रेन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ती है, जिससे यात्रियों का सफर और तेज़ व आरामदायक हो जाता है.

एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम लिमिटेड) के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के सराय काले खां से उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम तक 82.15 किमी लंबे और 16 स्टेशनों वाले पूरे कॉरिडोर के जल्द ही शुरू होने की संभावना है.

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एनसीआरटीसी की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कॉरिडोर पूरा होने के बाद दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे से भी कम में तय किया जा सकेगा और ट्रेनें मार्ग में आने वाले सभी स्टेशनों पर रुकेंगी.

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