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महाशिवरात्रि पर भक्तिमय हुए केजरीवाल और भगवंत मान, महादेव के चरणों में की पंजाब की तरक्की की प्रार्थना

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर पंजाब की शांति और प्रगति की कामना की.

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15 Feb 2026
( Updated: 15 Feb 2026
06:26 PM )
महाशिवरात्रि पर भक्तिमय हुए केजरीवाल और भगवंत मान, महादेव के चरणों में की पंजाब की तरक्की की प्रार्थना
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महाशिवरात्रि के पवित्र मौके पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सम्मानित श्री रणकेशवर महादेव मंदिर में माथा टेका और ऐतिहासिक सिद्ध पीठ में पूजा की तथा पंजाब और देश की शांति, खुशहाली और निरंतर तरक्की के लिए आशीर्वाद मांगा. त्यौहार पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए 'आप' प्रमुख ने महाशिवरात्रि को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा वाला त्योहार बताया और प्रार्थना की कि भगवान भोले नाथ की कृपा हमेशा हरेक नागरिक पर बनी रहे.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए सूबे की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संभालने और उत्साहित करने के लिए वचनबद्ध है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्री गुरु तेग बहादर जी का शहादी दिवस मनाने से लेकर श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व को मनाने तक पंजाब अपनी शानदार विरासत को मान और श्रद्धा के साथ सम्मान देता रहता है.

अरविंद केजरीवाल ने दी शुभकामनाएं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'आप' के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने कहा: "महाशिवरात्रि के पवित्र मौके पर मुझे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ धूरी के श्री रणकेशवर महादेव मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. महादेव की ब्रह्म ऊर्जा मन को शांति और आत्मा को नई ताकत देती है. भगवान भोले नाथ का आशीर्वाद हमेशा आप सभी पर बना रहे और देश और पंजाब तरक्की व खुशहाली की ओर बढ़ते रहें”.

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सीएम भगवंत सिंह मान ने देश में भाईचारे के लिए की प्रर्थना

इस दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर कहा: "आज महाशिवरात्रि के मौके पर मैं 'आप' के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया के साथ धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव रणिके स्थित श्री रणकेशवर मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और माथा टेका. मैं देश की खुशहाली, शांति और सद्भावना तथा सभी में स्थायी भाईचारे के लिए प्रार्थना की. भगवान शिव का आशीर्वाद हमेशा सभी पर बना रहे”.

केजरीवाल और भगवंत मान ने रणकेश्वर महादेव मंदिर में माथा टेका

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'आप' के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमने श्री रणकेशवर महादेव मंदिर में माथा टेका और प्रदेश की शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए प्रार्थना की.” उन्होंने कहा, "महाशिवरात्रि के शुभ मौके पर हमने सिद्ध पीठ में पूजा की और मानवता के कल्याण के लिए प्रार्थना की.” उन्होंने कहा, "महाशिवरात्रि लोगों को सत्य की खोज की ओर यत्न करने के लिए प्रेरित करती है, जो भगवान शिव द्वारा दर्शाई गई अंतिम चेतना की ओर ले जाती है.” उन्होंने आगे कहा, "यह त्योहार धार्मिकता, श्रद्धा, आपसी प्यार और सद्भावना पर जोर देता है.”

‘इस त्योहार को महान भारतीय सभ्यता के आधार के रूप में जाना जाता है’

इस मौके की सांस्कृतिक महत्ता पर जोर देते हुए अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे महान भारतीय सभ्यता के आधार के रूप में जाना जाता है.” उन्होंने आगे कहा, "श्री रणकेशवर महादेव को पंजाब के मालवा क्षेत्र में एक सम्मानित सिद्ध पीठ माना जाता है.” ऐसे स्थानों की आध्यात्मिक विरासत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "ऐतिहासिक तौर पर सिद्ध पीठों को पवित्र स्थान माना जाता है, जहां गहराई के साथ तपस्या और आध्यात्मिक अभ्यास किए जाते थे, जिससे ब्रह्म प्रकट होते थे.”

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अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारी परंपरा में ऐसे स्थानों का बहुत महत्व है क्योंकि यह माना जाता है कि सदियों की भगती और तपस्या द्वारा आध्यात्मिक शक्ति मिलती है.” उन्होंने आगे कहा, "यह मंदिर रूढ़िगत तौर पर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, खास करके भगवान शिव को खुश करने के लिए अर्जुन की तपस्या से.” उन्होंने आगे कहा, "यह माना जाता है कि गहन तपस्या के बाद भगवान शिव अर्जुन के समक्ष प्रकट हुए और उन्हें ब्रह्म हथियार गांडीव धनुष का वरदान दिया”.

महाशिवरात्रि सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि प्राचीन सभ्यता से संबंधित है

इस स्थान को भारत की महाकाव्य विरासत से जोड़ते हुए अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह स्थान भारत के महान महाकाव्यों में से एक से संबंधित है, जिससे इसे गहरी पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान मिलती है.” उन्होंने आगे कहा, "श्री रणकेशवर महादेव मालवा पट्टी में शिव भक्ति की इस निरंतरता को दर्शाता है.” उन्होंने आगे कहा, "यह पवित्र स्थान याद दिलाता है कि पंजाब की सांस्कृतिक पहचान आध्यात्मिक इतिहास की कई परतों द्वारा गढ़ी गई है”. त्योहार की व्यापक महत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "महाशिवरात्रि सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि प्राचीन सभ्यता से संबंधित है.”

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अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के ब्रह्म मिलाप की याद दिलाता है और आध्यात्मिक जागृति तथा स्वयं-अनुशासन का प्रतीक है.” उन्होंने आगे कहा, "इन इतिहासिक तौर पर महत्वपूर्ण तपस्थली पर महाशिवरात्रि मनाना पुरानी रीति-रिवाजों और विश्वासों की निरंतरता को मजबूत करता है.” उन्होंने कहा, "श्री रणकेशवर महादेव पर वार्षिक उत्सव इसे भूले हुए स्मारक की बजाय एक जीवंत विरासती स्थान के रूप में सुरक्षित रखने में मदद करते हैं”.

विरासत और सामूहिक विश्वास

इस स्थान की सांस्कृतिक महत्ता उजागर करते हुए अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह पवित्र स्थान सदियों पुरानी भक्ति प्रथाओं को दर्शाता है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चली आ रही हैं.” उन्होंने आगे कहा, "रस्मों की निरंतरता दर्शाती है कि विश्वास परंपराएं समय के साथ कैसे अनुकूल होती हैं, जबकि उनका मूल तत्त्व कायम रहता है और यह क्षेत्र की अदृश्य सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.” उन्होंने आगे कहा, "ऐसे समागम मालवा क्षेत्र में क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक साझे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक झंडे के नीचे इकट्ठा करते हैं.”

गौरवशाली विरासत का प्रसार

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विरासत की संभाल के प्रति प्रदेश सरकार की वचनबद्धता जाहिर करते हुए अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा, "प्रदेश सरकार पहले ही नौजवान पीढ़ियों को शानदार सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए सख्त मेहनत कर रही है.” उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार पहले ही श्री गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहादी दिवस को बेमिसाल ढंग से मना चुकी है.” उन्होंने आगे कहा, "अब श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी बेमिसाल ढंग से मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है.” अंत में उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार यह यकीनी बनाना चाहती है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जानकार करवाया जाए.”

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