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'खार्ग द्वीप पर कब्जा करना हमारी इच्छा...', मिडिल-ईस्ट जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने साफ की अपनी नीयत, बताया US का पूरा प्लान
मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के तेल पर कब्जा कर सकता है और खार्ग आइलैंड पर नियंत्रण पर विचार कर रहा है. साथ ही पाकिस्तान के जरिए बातचीत में प्रगति का दावा करते हुए जल्द डील की उम्मीद जताई.
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मिडिल-ईस्ट में छिड़ी भीषण जंग अब 31वें दिन में पहुंच चुकी है और इसका असर पूरी दुनिया पर साफ दिखाई दे रहा है. खासकर ऊर्जा बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण करने और खार्ग द्वीप पर कब्जा करने पर विचार कर रहा है.
ईरान के साथ चल रही बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ‘ईरान से तेल ले सकता है’ और इसके लिए कई विकल्पों पर काम किया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के जरिए ईरान के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति हो रही है और जल्द कोई समझौता हो सकता है. ट्रंप के इस बयान को जंग के बीच एक बड़े रणनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
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तेल पर कब्जे को प्राथमिकता बताया
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ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी प्राथमिकता ईरान के तेल पर नियंत्रण हासिल करना है. उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से करते हुए कहा कि वहां भी अमेरिका ने हाल ही में तेल पर नियंत्रण स्थापित किया था. हालांकि, उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चिंताएं भी पैदा कर दी हैं, क्योंकि इससे संघर्ष और गहराने की आशंका जताई जा रही है.
तेल कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता
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इस जंग का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा है. पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सोमवार को एशियाई बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो इस संघर्ष के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे कई देशों में ईंधन महंगा होने और आर्थिक दबाव बढ़ने की स्थिति बन गई है.
खार्ग द्वीप पर कब्जे को लेकर बयान
खार्ग द्वीप को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस द्वीप पर कब्जा कर सकता है, लेकिन अभी सभी विकल्प खुले हैं. गौरतलब है कि खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है, इसलिए इस पर नियंत्रण का मतलब ईरान की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर होगा. स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है. पेंटागन ने करीब 10 हजार सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है. पहले ही हजारों सैनिक और मरीन इस क्षेत्र में भेजे जा चुके हैं, जबकि और जवानों की तैनाती जारी है.
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बताते चलें कि मिडिल-ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है. आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.