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'भारत अब गोली का जवाब गोले से देता है, परमाणु बम की धमकी से डरने वाला नहीं, सीएम धामी की PAK को सख्त चेतावनी

भारत अब दुश्मनों को सबक़ सिखाने के लिए गोली का जवाब गोले से दे रहा है, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ITBP के एक कार्यक्रम में ये बातें बोलकर जवानों की दिल खोलकर तारीफ़ की.

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14 Jun 2025
( Updated: 08 Dec 2025
07:56 PM )
'भारत अब गोली का जवाब गोले से देता है, परमाणु बम की धमकी से डरने वाला नहीं, सीएम धामी की PAK को सख्त चेतावनी
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भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई तो भारत ने पाकिस्तान में भयंकर तबाही मचाई, जिसके डर से पाक के हुक्मरान सीजफायर-सीजफायर चिल्लाने लगे, भारत ने हर गोली का जवाब गोले से दिया और दुनिया को बता दिया कि जो भारत को छेड़ेगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा. भारत के जवानों ने जंग के दौरान जो उत्साह, साहस और पराक्रम दिखाया उसे देख पूरा देश नतमस्तक हो गया, उत्तराखंड में तो अब ऑपरेशन सिंदूर की शौर्य गाथा बच्चों को पढ़ाई जाएगी.

इसी कड़ी में सीएम धामी ने एक और बड़ा कदम उठाया है और मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है, और आईटीबीपी के वीर जवानों, अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल साहस और संकल्प का प्रतीक है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सामरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. 

सीएम धामी ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद एक ट्वीट में लिखा.. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का मनोबल अटूट है और सीमाओं की रक्षा पहले से अधिक सशक्त हुई है, अब दुश्मन को गोली का जवाब गोले से दिया जा रहा है, ITBP के जांबाज सिर्फ सीमाओं के सजग प्रहरी नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में विकास, नागरिक सहभागिता और सांस्कृतिक पहचान के संवाहक भी हैं, हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है.

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वहीं दूसरे ट्वीट में सीएम धामी ने लिखा, शासकीय आवास से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा आयोजित सीमांत स्तरीय ट्रैकिंग अभियान ‘हिमाद्रि-2025’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, इस अभियान में ITBP के 47 सदस्य उत्तराखंड, हिमाचल और लद्दाख के दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों की पदयात्रा कर न केवल इन क्षेत्रों की लोक संस्कृति, जीवनशैली और पर्यावरणीय विविधता से निकट से परिचित होंगे, बल्कि वर्षों से बंद पड़े ट्रैकिंग रूटों को फिर से सक्रिय करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी.

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बता दें कि, आईटीबीपी का दल कुल 1032 किमी की दूरी तय करेगा, ये दल 27 घाटियों और 27 दर्रों को पार करेगा, इसका मकसद पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना है.

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