जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

सिर्फ 2 साल में Pushkar Singh Dhami ने कैसे Uttarakhand को बदला, जानिए कड़े और बड़े फैसले !

पुष्कर सिंह धामी ने अपने कुछ फैसलों से उत्तराखंड में कई बदलाव किए हैं। एक-एक फैसलों ने उत्तराखंड के नाम को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है, और ये सब कुछ धामी सरकार के सिर्फ दो सालों में हुआ है। इस रिपोर्ट में उन एक-एक फैसलों को विस्तार से जानिए।

Author
24 May 2024
( Updated: 11 Dec 2025
02:53 AM )
सिर्फ 2 साल में Pushkar Singh Dhami ने कैसे Uttarakhand को बदला, जानिए कड़े और बड़े फैसले !
Advertisement

पुष्कर सिंह धामी ने अपने कुछ फैसलों से उत्तराखंड में कई बदलाव किए हैं। एक-एक फैसलों ने उत्तराखंड के नाम को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है, और ये सब कुछ धामी सरकार के सिर्फ दो सालों में हुआ है। इस रिपोर्ट में उन एक-एक फैसलों को विस्तार से जानिए। 


सिर्फ दो साल ।कहने को वैसे तो दो साल का मतलब होता है सिर्फ 730 दिन। लेकिन इसी सात सौ तीस दिन में किसी राज्य की शक्ल-ओ-सूरत को कैसे बदला जा सकता है। इसके शानदार उदाहरण हैं, पुष्कर सिंह धामी। कैसे कम दिन में किसी राज्य में इतिहास लिखा जा सकता है, इसके उदाहरण हैं धामी। और कैसे अपनी सोच से दूरगामी निर्णय लेकर लंबी लकीर खींचने का सार्थक प्रयास किया जा सकता है। इसके उदाहऱण हैं धामी। 

Advertisement




Advertisement

दो साल का कार्यकाल पुष्कर सिंह धामी का पूरा हो चुका है। और दो साल का वक्त बीतते ही, इस पर चर्चा शुरू हुई कि, धामी सरकार ने जो वादे और दावे किए थे, क्या वो धरातल पर दिख रहे हैं या नहीं ? 


तो एक वाक्य में इसे समझिए कि ।धामी के कामों की सूची बहुत लंबी है। मतलब पूरी लिस्ट जानने के लिए धैर्य से इसे सुनना पड़ेगा। 


पुष्कर सिंह धामी ने खुद तो अपनी सरकार की कहानी बताई उसके बाद हमने भी एक-एक करके पड़ताल की। और जाना कि आखिर पिछले दो साल में उत्तराखंड में धामी की सरकार ने कौन-कौन से बड़े फैसले किए हैं।

Advertisement

  


 सिर्फ दो साल और बड़े कमाल !

Advertisement


1. समान नागरिक संहिता (UCC)

2. नकल विरोधी कानून 

Advertisement

3. सख्त धर्मांतरण कानून 

4. अंत्योदय परिवार को साल में 3 गैस सिलेंडर मुफ्त 

5. स्थानीय महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30% आरक्षण

6. राज्य आंदोलनकारियों को 10% क्षैतिज आरक्षण

Advertisement



ऐसा नहीं है कि धामी सरकार के सामने कोई चुनौती नहीं थी या अभी नहीं है। लेकिन इसे दरकिनार कर धामी सरकार ने इतिहास के पन्नों में कई फैसलों को दर्ज कराया है। ये भी सच है कि कई बार धामी सरकार को मुश्किलों से गुजरना पड़ा है। लेकिन एक-एक करके सारे सवालों का जवाब धामी सरकार ने सबके सामने रख दिया। जिसका नतीजा ये निकला कि बीजेपी पहले की तुलना में उत्तराखंड में अब ज्यादा मजबूत हो गई है। 


Advertisement

अब थोड़ा सा पीछे चलते हैं, जब पुष्कर सिंह धामी को पहली बार उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया था। ये सच है कि उस समय धामी के कार्यकाल को बहुत कम वक्त मिला था। लेकिन इस कम वक्त में भी उन्होंने कमाल का काम किया। जिसकी तारीफ उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक की गई। फिर उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव का वक्त आया और बीजेपी ने कमाल कर दिया। फिर से राज्य में बीजेपी ही सरकार बनाई। और उसके बाद एक के बाद एक कई फैसलों से इतिहास रच दिया है। 


धामी जैसे ही दूसरी बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। उसके बाद पहली कैबिनेट में धर्मांतरण कानून लागू किया गया। फिर सबसे बड़ा फैसला था नकल माफियाओं को लेकर। चुकि नकल माफियाओं की वजह से धामी सरकार पर सवाल भी खड़े हुए थे। तो इस पर नकेल कसने के लिए कमाल के फैसले लिए गए। 



Advertisement

धामी के ऐतिहासिक फैसले !


देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून  

Advertisement

आजीवन कारावास या 10 साल की सजा 

नकल माफियाओं को 10 करोड़ तक जुर्माना

नकल माफियाओं की संपत्ति भी जब्त हो सकती है 

Advertisement



इतना ही नहीं, धामी सरकार ने इस एक्ट में इस बात का भी ख्याल रखा है कि अगर कोई छात्र भर्ती परीक्षाओँ में पेपर लीक करते हुए पकड़ा जाता है या फिर नकल के जरिए परीक्षा पास करता है तो उसके ऊपर दस साल तक का बैन लगाया जा सकता है।


Advertisement

यूसीसी को लेकर भी धामी सरकार की खूब तारीफ हुई है। इसे भी ऐतिहासिक फैसलों की लिस्ट में रखा गया है। इसे लागू होने के ठीक बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू होने से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेगा। महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न में भी काफी कमी आएगी। यह कानून महिलाओं के विकास के लिए है इस फैसले ने पूरे देश में एक मैसेज दिया। साथ ही यूसीसी को धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना गया। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड के लोगों से धामी ने यूसीसी को लेकर वादा किया था। और जैसे ही धामी की सरकार बनी, इसे पूरा किया गया। और ये फैसला पूरे देश के लिए नजीर बन गया “। 




Advertisement

इस एक फैसले से पुष्कर सिंह धामी की छवि पूरे देश में बदल गई। पूरे देश में धामी ने अपनी हिंदुत्व वाली छवि को एक नई ऊंचाई दी।  


कहते हैं कि सरकार का असल काम वही होता है, जिसकी चर्चा आम लोगों के बीच हो। और इस बात को धामी सरकार अच्छे से जानती है। शायद तभी धामी सरकार ने जितने फैसले लिए हैं। उसकी चर्चा उत्तराखंड के आम लोगों के बीच भी होती है। 

Advertisement


यह भी पढ़ें

इसी दौरान, युवाओं के लिए रोजगार सृजन के मामले में भी उत्तराखंड में बड़े स्तर पर काम शुरू किया गया। इसके साथ-साथ सीएम धामी कई चुनौतियों से भी पार पाना चाहते हैं। ताकि भविष्य में उत्तराखंड की चर्चा अलग स्तर पर हो। इसीलिए, सीएम धामी ने साल 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वाधिक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। और इसके लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। इस सबके साथ ही धामी की छवि और कद दोनों बढ़ते जा रहे हैं। 

टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें