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हिंदुस्तान की ताकत से हिले डोनाल्ड ट्रंप, बोले- भारत पर टैरिफ लगाना आसान नहीं, बताया सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर

बता दें कि 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिए एक इंटरव्यू में जब ट्रंप से यह पूछा गया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शिकंजा कसने का क्या मतलब है? तो ट्रंप ने इसका जवाब देते हुए कहा कि 'देखिए भारत हमारा सबसे बड़ा ग्राहक था. मैंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ इसलिए लगाया, क्योंकि वह रूस से तेल खरीद रहा है. यह कोई आसान काम नहीं है. इससे भारत के साथ मतभेद पैदा होते हैं और यह एक बड़ा काम है.'

हिंदुस्तान की ताकत से हिले डोनाल्ड ट्रंप, बोले- भारत पर टैरिफ लगाना आसान नहीं, बताया सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा है कि रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लगाना कोई आसान काम नहीं है. उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच मतभेद पैदा होते हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि हमारी समस्या से ज्यादा यूरोप की समस्या है. बता दें कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है. 

'भारत पर टैरिफ लगाना कोई आसान काम नहीं'

बता दें कि 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिए एक इंटरव्यू में जब ट्रंप से यह पूछा गया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शिकंजा कसने का क्या मतलब है? तो ट्रंप ने इसका जवाब देते हुए कहा कि 'देखिए भारत हमारा सबसे बड़ा ग्राहक था. मैंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ इसलिए लगाया, क्योंकि वह रूस से तेल खरीद रहा है. यह कोई आसान काम नहीं है. इससे भारत के साथ मतभेद पैदा होते हैं और यह एक बड़ा काम है.'

'हमारी समस्या से कहीं ज्यादा यूरोप की समस्या है' 

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डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि 'मैं यह पहले ही कह चुका हूं. मैंने बहुत कुछ किया है और याद रखें कि यह हमारी समस्या से कहीं ज्यादा यूरोप की समस्या है.' इस इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दोहराया कि राष्ट्रपति के अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने अब तक 7 युद्धों पर युद्धविराम लगवाया है. 

मैंने 7 युद्ध सुलझाए हैं - डोनाल्ड ट्रंप 

ट्रंप ने फिर से युद्ध रुकवाने को लेकर खुद की तारीफ की और कहा कि 'मैंने 7 युद्ध रुकवाए हैं. इनमें भारत और पाकिस्तान युद्ध के अलावा कई बड़े युद्ध शामिल हैं. जिनमें कुछ युद्ध काफी अनसुलझे थे, जैसे कांगो और रवांडा का युद्ध, मैंने इसे भी सुलझाया है. यह करीब  31 सालों से चल रहा था, इसमें लाखों लोग मारे गए.

भारत ने ट्रंप के दावे को कई बार किया खारिज

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही बार-बार खुद से भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का क्रेडिट ले रहे हों, लेकिन भारत कई बयानों से यह साफ कर चुका है कि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम डीजीएमओ स्तर पर हुई बातचीत के बाद संभव हुआ था. इसमें डोनाल्ड ट्रंप या किसी तीसरे देश का कोई हाथ नहीं है. 

ट्रंप के आगे नहीं झुका भारत 

टैरिफ मसले पर भारत ट्रंप के आगे कभी नहीं झुका है. भले ही उन्होंने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ दर लगाया है, लेकिन भारत की तरफ से यह कभी कोशिश नहीं की गई कि वह अमेरिका के सामने इसे घटाने को लेकर चर्चा करे. पीएम मोदी के इस कदम की तारीफ पूरी दुनिया भर में हो रही है. वहीं हाल ही में इजरायली मीडिया ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के दौरान पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर सिर्फ एक बुलावे पर दौड़ते हुए व्हाइट हाउस पहुंच गए, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप के आमंत्रण के बावजूद भी वाशिंगटन नहीं गए. इसके अलावा एक जर्मन अखबार ने यह भी दावा किया था कि ट्रंप ने पीएम मोदी को करीब 4 बार कॉल की और बात करने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने उनकी कॉल नहीं उठाई, भारत के इस रुख से यह साफ हो चुका है कि वह ट्रंप की जिद और अमेरिका के आगे कभी नहीं झुकने वाले हैं. इजरायली मीडिया ने अपने देश के प्रधानमंत्री को पीएम मोदी से सीख लेने की बात कही थी. 

भारत के आगे नरम पड़े ट्रंप 

बता दें कि भारत से बिगड़े रिश्ते को सुधारने के लिए डोनाल्ड ट्रंप लगातार पहल कर रहे हैं. ट्रंप को अपनी गलती का एहसास हो गया है. पिछले कुछ दिनों से वह भारत के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं. 

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वहीं हाल ही में उन्होंने एक पोस्ट में मोदी की तारीफ करते हुए, उन्हें अपना दोस्त बताया और अमेरिका-भारत के बीच व्यापार वार्ता को फिर से बेहतर करने पर जोर दिया. 

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