×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

भारत ने UN में पाकिस्तान की खोली पोल, बताया कैसे पाक आर्मी ने 1971 में लाखों महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को अंजाम दिया

भारतीय राजनयिक एल्डोस मैथ्यू पुन्नूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना को बेनकाब किया. भारत ने कहा कि 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने बेखौफ होकर लाखों महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को अंजाम दिया था, यह शर्मनाक है. पाक सेना का यह सिलसिला आज भी बेखौफ जारी है.'

Author
20 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:19 AM )
भारत ने UN में पाकिस्तान की खोली पोल, बताया कैसे पाक आर्मी ने 1971 में लाखों महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को अंजाम दिया
United Nations Security Council
Advertisement

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में भारत ने पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा कर दिया. भारत ने 1971 के युद्ध का हवाला देते हुए पाकिस्तानी सेना की भूमिका पर कड़ा प्रहार किया और उसे बेनकाब किया.

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय राजनयिक एल्डोस मैथ्यू पुन्नूस ने कहा कि संघर्ष के दौरान की गई यौन हिंसा जघन्य अपराध है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा होनी चाहिए. इस तरह के अपराध करने वाले लोगों को कटघरे में लाना चाहिए और सजा देनी चाहिए.

‘पाकिस्तानी सेना ने महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को अंजाम दिया’

Advertisement

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 1971 के युद्ध का जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तानी सेना ने लाखों महिलाओं को शिकार बनाया. मैथ्यू पुन्नूस ने कहा, ''1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने बेखौफ होकर लाखों महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को अंजाम दिया था, यह शर्मनाक है. पाक सेना का यह सिलसिला आज भी बेखौफ जारी है.''

भारत ने बताया कि संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा के जघन्य कृत्यों के अपराधियों की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए... 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने जिस बेखौफ होकर लाखों महिलाओं के खिलाफ घोर यौन हिंसा के जघन्य अपराध किए, वह शर्मनाक है. यह निंदनीय सिलसिला आज भी बेरोकटोक और बेखौफ जारी है. धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ उत्पीड़न के हथियार के रूप में हजारों कमजोर महिलाओं और लड़कियों के बड़े पैमाने पर अपहरण, तस्करी, बाल विवाह और जबरन विवाह, घरेलू दासता, यौन हिंसा और जबरन धर्म परिवर्तन की खबरें और विवरण हाल ही में जारी ओएचसीएचआर रिपोर्टों में भी दर्ज किए गए हैं. रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के इन घृणित कृत्यों को उसकी न्यायपालिका द्वारा भी मान्यता प्राप्त है. यह विडंबना है कि जो लोग इन अपराधों को अंजाम देते हैं, वे अब न्याय के रक्षक होने का ढोंग कर रहे हैं. उनका कपट और पाखंड स्वयंसिद्ध है.

UN में उठा अल्पसंख्यकों का मुद्दा

भारत की ओर से पुन्नूस ने कहा, ''अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ उत्पीड़न के कई मामले दर्ज हुए हैं. हजारों कमजोर महिलाओं और लड़कियों का बड़े पैमाने पर अपहरण किया गया. जबरन विवाह, यौन हिंसा और जबरन धर्म परिवर्तन की खबरें भी सामने आईं. इन सबका विवरण हाल ही में जारी ओएचसीएचआर रिपोर्ट्स में भी दर्ज किया गया है.''

Advertisement

पाकिस्तान की न्यायपालिका पर भारत ने उठाए सवाल

यह भी पढ़ें

भारत ने कहा कि पाकिस्तान की न्यायपालिका अपराधियों को शरण देती है. उनके खिलाफ किसी तरह का एक्शन नहीं लिया जाता है. पुन्नूस ने कहा, ''पाकिस्तान की इन हरकतों को लेकर न्यायपालिका ने भी एक्शन नहीं लिया. यह विडंबना है कि जो लोग इन अपराधों को अंजाम देते हैं, वे खुद को न्याय का देवता बताते हैं.''

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें