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क्या Vinesh Phogat पर दांव लगाना Congress को भारी पड़ गया, क्या कहते हैं Brijbhushan Sharan Singh ?

Congress को इस चुनाव में धोबी पछाड़ देने के लिए BJP ने कभी दांव पर दांव चले तो कभी चालाकी भी दिखाई जिसके दम पर बीजेपी ने जहां कांग्रेस को धूल चटा दी तो वहीं लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर भी बड़ गई है आखिर क्या है वो बीजेपी की चालाकी जिसने उसे सत्ता दिला दी।

क्या Vinesh Phogat पर दांव लगाना Congress को भारी पड़ गया, क्या कहते हैं Brijbhushan Sharan Singh ?
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जवान, किसान, और पहलवानों की धरती हरियाणा में बीजेपी को पटखनी देने के लिए कांग्रेस ने जहां पूरी ताकत झोंक दी थी, वहीं बीजेपी भी राजनीति की कोई कच्ची खिलाड़ी नहीं थी। उसने कांग्रेस को इस चुनाव में धोबी पछाड़ देने के लिए कभी दांव पर दांव चले, तो कभी चालाकी भी दिखाई। इसके दम पर बीजेपी ने जहां कांग्रेस को धूल चटा दी, वहीं लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर भी बढ़ गई है। आखिर क्या है वो बीजेपी की चालाकी जिसने उसे सत्ता दिला दी?

दरअसल, मोदी ये बात अच्छी तरह से जानते थे कि हरियाणा में इस बार बीजेपी को इतनी आसानी से जीत नहीं मिलने वाली है। साल 2019 के चुनाव में इसी हरियाणा ने बीजेपी को बहुमत से दूर कर दिया था, जिसकी वजह से उसे जेजेपी के साथ गठबंधन करना पड़ा। यही वजह है कि मोदी ने इस बार हरियाणा में प्लान बी अपनाया और सबसे पहले मनोहर लाल खट्टर को सीएम की कुर्सी से हटा कर इसी साल मार्च में नायब सैनी को सीएम की कमान सौंपी। हरियाणा में सबसे ज्यादा आबादी करीब 35 फीसदी ओबीसी समाज की है। यही कारण है कि मोदी ने चुनाव से ठीक पहले नायब सैनी को कमान सौंपी, जिसने इस चुनाव में बीजेपी के लिए एक बड़े फैक्टर के रूप में काम किया। यहां तक कि खुद नायब सैनी अपनी सीट से भारी अंतर से चुनाव जीत गए।

विनेश बनीं कांग्रेस के लिए विलेन!

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हरियाणा की जुलाना सीट से चुनाव लड़ने वालीं कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट चुनाव तो जीत गईं, लेकिन किस तरह से जीतीं, ये इसी बात से समझ सकते हैं कि जीत का मार्जिन सिर्फ 6 हजार रहा। एक वक्त ऐसा भी आया जब बीजेपी ने उन्हें पछाड़ दिया था, लेकिन आखिर दौर में बाजी पलटी और विनेश फोगाट जीत गईं। लेकिन जिस कांग्रेस पार्टी से वो चुनाव लड़ रही थीं, वो खुद सत्ता से दूर हो गई, जिसके पीछे सबसे बड़ी वजह विनेश फोगाट को ही बताया जा रहा है। विनेश फोगाट के कांग्रेस में शामिल होते ही कांग्रेस ने उन्हें जुलाना से टिकट देने में जरा भी देर नहीं लगाई, जिसका असर ये हुआ कि विनेश फोगाट के चुनाव में उतरते ही पूरा चुनाव हरियाणा से जुलाना तक ही सीमित हो गया। लोगों की जुबान पर जुलाना ही छाया रहा।

वहीं, बीजेपी ने भी बड़ी चालाकी से कांग्रेस को विनेश फोगाट तक ही सीमित करने के लिए पूरा प्लान बना दिया और अपने नेताओं को विनेश फोगाट पर वार करने के लिए खुली छूट दे दी। खुद हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल विज ने सबसे पहले हमला बोलते हुए कहा कि विनेश फोगाट अब देश की बेटी नहीं, बल्कि कांग्रेस की बेटी हैं। इसी से समझ सकते हैं कि बीजेपी ने किस तरह से विनेश फोगाट के इर्द-गिर्द पूरी कांग्रेस को उलझाए रखा, जिसका खामियाजा भी कांग्रेस को हार के रूप में भुगतना पड़ा। चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि विनेश फोगाट ने कांग्रेस को डुबो दिया। जहां-जहां विनेश जाएंगी, कांग्रेस का सत्यानाश ही होगा।

बृजभूषण शरण के खिलाफ ही मोर्चा खोलकर विनेश फोगाट राजनीति में उतरीं और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं। उन्होंने जीत भी हासिल की, लेकिन बीजेपी ये आरोप लगा रही है कि विनेश की वजह से ही कांग्रेस की लुटिया भी डूब गई। विनेश के कांग्रेस में शामिल होते ही हरियाणा ही नहीं, पूरे देश में ये संदेश गया कि पहलवानों के प्रदर्शन के पीछे कहीं न कहीं कांग्रेस का ही हाथ था। इसी लिए विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।


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