×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दिल्ली साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाई, ईडी को नोटिस जारी

ईडी ने 16 जनवरी को कथित मनी-लॉन्ड्रिंग केस में सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. जांच एजेंसी ने दावा किया कि सिद्दीकी और ट्रस्ट ने यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े संस्थानों के माध्यम से अवैध तरीके से पैसे जुटाए.

Author
13 Feb 2026
( Updated: 13 Feb 2026
07:21 AM )
दिल्ली साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाई, ईडी को नोटिस जारी
Advertisement

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत को 14 दिन बढ़ाया है. शुक्रवार को इसी केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद अहमद सिद्दीकी की याचिका के जवाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया.

आरोपपत्र से जुड़े दस्तावेज मांगने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सिद्दीकी

जवाद अहमद सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर करते हुए आरोपपत्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की थी. शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. साकेत कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी.

16 जनवरी को दाखिल हुई चार्जशीट

Advertisement

ईडी ने 16 जनवरी को कथित मनी-लॉन्ड्रिंग केस में सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. जांच एजेंसी ने दावा किया कि सिद्दीकी और ट्रस्ट ने यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े संस्थानों के माध्यम से अवैध तरीके से पैसे जुटाए. ईडी ने जांच में फर्जी राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) मान्यता दिखाकर छात्रों से फीस वसूलने, सरकारी एजेंसियों को गुमराह करने, फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिलने का भी दावा किया.

कार ब्लास्ट जांच से जुड़ा मामला

इस मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम ब्लास्ट से जुड़ी जांच से हुई थी, जिसमें यूनिवर्सिटी के कुछ लोगों का नाम आया था. यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था.

140 करोड़ की संपत्ति जब्त

Advertisement

यह भी पढ़ें

इसके बाद ईडी ने यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड़ की संपत्तियां जब्त कीं, जिसमें 54 एकड़ जमीन और इमारतें शामिल हैं. ईडी का दावा है कि सिद्दीकी ने ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और अवैध कमाई का मुख्य लाभार्थी रहा. जांच में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और छात्रों के साथ छल का खुलासा हुआ है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें