×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन सहित तीन आरोपियों को करारा झटका, कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

2020 के दिल्ली दंगा मामले में  कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन सहित तीन आरोपियों को करारा झटका दिया है. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की पैरिटी के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया है.

Author
29 Jan 2026
( Updated: 29 Jan 2026
12:33 PM )
दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन सहित तीन आरोपियों को करारा झटका, कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज (फाइल फोटो)
Advertisement

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगा 2020 मामले में तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है. इन आरोपियों में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत तीन लोग शामिल हैं. ताहिर के अलावा अन्य दो लोगों के नाम सलीम मलिक और अथर खान हैं. अदालत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया. दिल्ली दंगे मामले की यह सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी की कोर्ट में चल रही थी.

कोर्ट ने खारिज की सुप्रीम कोर्ट वाली दलील!

दरअसल, तीनों आरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय में इसी मामले में पांच अन्य को जमानत दिए जाने के बाद समानता के आधार पर जमानत की मांग की थी. हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. इन तीनों आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा दर्ज है.

Advertisement

उमर खालिद और शरजील इमाम की भी खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जबकि 5 अन्य आरोपियों को 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि उमर और शरजील एक साल तक इस मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते.

कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला रखा था सुरक्षित

Advertisement

यह फैसला जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान, और शादाब अहमद के निरंतर कारावास को आवश्यक नहीं माना और उनकी जमानत मंजूर कर ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर एक साल में गवाही पूरी नहीं होती तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका निचली अदालत में दाखिल कर सकते.

कॉल सेंटर कर्मचारी था अथर खान!

अभियोजन के मुताबिक, इनकी भूमिका 2020 के दंगों की साजिश में अहम रही है. अथर खान, जो पहले एक कॉल सेंटर कर्मचारी रह चुका है, पर आरोप है कि वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, अथर ने वहां भड़काऊ भाषण दिए और कथित तौर पर गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया, जिनमें 'दिल्ली जलाने का समय आ गया है' जैसे बयान दिए गए. उस पर सीसीटीवी कैमरों को नष्ट कराने में समन्वय करने का भी आरोप है.

CAA-NRC विरोधी बैठकों का सरगना था सलीम मलिक!

Advertisement

वहीं सलीम मलिक पर भी आरोप है कि वह CAA-NRC विरोधी बैठकों के 11 कथित आयोजकों और वक्ताओं में शामिल था. पुलिस के अनुसार, इन आयोजकों में मोहम्मद सलीम खान, सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन उर्फ गुड्डू भाई, शहनवाज, फुरकान, मोहम्मद अय्यूब, मोहम्मद यूनुस, तबस्सुम, मोहम्मद अयाज और उसका भाई खालिद शामिल थे.

दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद हैं 7 आरोपी

आपको बता दें कि दिल्ली दंगा मामले में कुल 20 आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें से दो अब भी फरार हैं. शेष 18 में से कई ने पहले जमानत याचिकाएं दायर की थीं. इनमें से सात आरोपी अब भी जेल में बंद हैं, जिनमें उमर खालिद, शारजील इमाम, अथर खान, सलीम मलिक, पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन, तसलीम अहमद और खालिद सैफी शामिल हैं.

बता दें कि इससे पहले उमर खालिद की बहन के निकाह के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें

अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की थीं, जिनमें उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे, और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से ही मिल सकेंगे. इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना था.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें