पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक की कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच पीछे कुछ दिनों से चल रहे युद्ध जैसे हालात पर अब बड़ी खबर सामने आई है. भारत और पाकिस्तान के बीच अब युद्ध विराम यानी सीजफायर का ऐलान हुआ है. इसको लेकर सबसे पहले जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर शाम 5:33 बजे पोस्ट कर दी. भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की खबर आते ही जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत तमाम नेताओं की प्रतिक्रिया आने लगी है.
दरअसल,कुछ दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही युद्ध जैसी स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभावित जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती इलाके रहे हैं. ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच 5:00 बजे से सीजफायर के लागू होने पर सबसे पहली प्रतिक्रिया जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आई है, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के द्वारा आपसी सहमति के साथ शांति के लिए बढ़ाए गए इस कदम का स्वागत करते हुए कहा "थोड़ी देर पहले दोबारा सीजफायर को कायम करने का ऐलान हुआ, उसका मैं दिल की गहराईयों से खैरमकदम (स्वागत) करता हूं. आखिरकार पाकिस्तान के डीजीएमओ ने हमारे डीजीएमओ से फोन उठाकर बात की. देर आए और दुरुस्त आए. सीएम अब्दुल्ला ने आगे यह भी कहा कि ' जम्मू कश्मीर की सरकार का मुखिया होने के नाते यह हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि पीछे कुछ दिनों से पाकिस्तान और भारत की तरफ से हुई सैन्य कार्रवाई के दौरान जहां-जहां नुकसान हुआ है, उसका हम मुआयना करें और हम उसकी भरपाई करें. जिन लोगों ने जान गंवाई है, उनके घर वालों को राहत दें.''
पूंछ में हुआ ज्यादा नुकसान
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने भी बताया कि 'भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बीच हुई गोलीबारी के दौरान सबसे ज्यादा पूंछ में नुकसान हुआ है. राजौरी और कंधार में भी बहुत नुकसान हुआ है. अधिकारी नुकसान का मुआयना कर रहे हैं.और इस समय क्षेत्र के हवाई अड्डा बंद है, हम उम्मीद करते हैं कि सीजफायर के बाद हवाई अड्डा जल्द खुलेगा. हज के लिए लोग जा सकेंगे.'
अमेरिका को धन्यवाद: महबूबा मुफ्ती
भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के फैसले पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, "सबसे पहले मैं इसमें हस्तक्षेप के लिए अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देना चाहूंगी और इसके साथ ही मैं अपने देश के नेतृत्व और पाकिस्तान का भी शुक्रिया अदा करना चाहते हैं क्योंकि दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए. क्योंकि जब हमारे देश और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो सबसे ज्यादा तकलीफ जम्मू-कश्मीर के लोगों को होता है.
"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी सबसे पहले जानकारी
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध विराम को लेकर सबसे पहले जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. उन्होंने कहा, "अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं."
युद्धविराम को लेकर विदेश मंत्रालय का बयान
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा "पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने दोपहर तीन बजकर 35 मिनट पर भारतीय DGMO से फोन पर बात की.उनके बीच यह सहमति बनी कि दोनों पक्ष शनिवार (10 मई) को शाम पांच बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे.”
कैसे शुरू हुआ भारत-पाक के बीच तनाव
दरअसल जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को लगभग चार की संख्या में आए आतंकियों ने बैसरन घाटी में अंधाधुंध फायरिंग करते हुए 26 निहत्थे पर्यटकों की हत्या कर दी थी. जिसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सबसे पहले पाकिस्तान पर डिप्लोमेटिक स्ट्राइक करते हुए कई कड़े फैसले लिए, इसमें सिंधु जल संधि समझौता को स्थगित कर सबसे पहले पाकिस्तान पर जल प्रहार किया गया. इसी तरीके के अन्य फसलों से भारत की सरकार ने पाकिस्तान का कमर तोड़ा. उसके बाद भारत की तीनों सेना ने संयुक्त कार्रवाई के तहत ऑपरेशन सिंदूर के तहत एयर स्ट्राइक करते हुए पाकिस्तान के 9 पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल के जरिए हमला कर उसे पूरी तरह तबाह कर दिया. जिसमें पाकिस्तान के चार और उसके कब्जे वाले कश्मीर के पाठ आतंकी ठिकानों के करीब 100 आतंकवादी मारे गए. भारतीय सेना की आतंकी ठिकानों पर की गई इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखलाया और नियंत्रण रेखा पर सीजफायर का उल्लंघन करना शुरू कर दिया. इसके अलावा भारत के कई शहरों पर पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल के जरिए बड़ा हमला करने का कई प्रयास किया. इसको भारतीय सेना और मजबूत एयर बेस सिस्टम लगाते हवा में ही विफल कार्य रहा,वही भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर बेस सिस्टम समेत कई अन्य नुकसान भी हुए. बहरहाल अब युद्ध विराम हो चुका है.