×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'दोपहर तक खाली करें मुंबई की सड़कें...', मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों पर बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुख, एक्शन में फडणवीस सरकार

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सोमवार को मराठा आरक्षण आंदोलन पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मंगलवार दोपहर तक मुंबई की सड़कों को खाली कराया जाए. अदालत ने कहा कि आंदोलनकारी मनोज जरांगे पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अब उन्होंने पानी भी छोड़ दिया है, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं.

Author
02 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:29 AM )
'दोपहर तक खाली करें मुंबई की सड़कें...', मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों पर बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुख, एक्शन में फडणवीस सरकार
Advertisement

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सोमवार को मराठा आरक्षण आंदोलन पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मंगलवार दोपहर तक मुंबई की सड़कों को खाली कराया जाए. अदालत ने कहा कि आंदोलनकारी मनोज जरांगे पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अब उन्होंने पानी भी छोड़ दिया है, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं. अदालत ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों द्वारा कब्जा की गई सड़कों को खाली क्यों नहीं करा रही है और चेतावनी दी कि और प्रदर्शनकारियों को मुंबई में प्रवेश करने से रोका जाए.

उधर, जरांगे ने अल्टीमेटम दिया कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मराठा आरक्षण पर ठोस कदम नहीं उठाते, तो “पांच करोड़ से अधिक मराठा” मुंबई में उतरेंगे. वहीं, वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भरोसा दिलाया कि महायुति सरकार ऐसा समाधान तलाश रही है जो अदालत में भी टिक सके.

गौरतलब है कि जरांगे 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं और ओबीसी कोटे के तहत मराठा समुदाय को 10% आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं.

Advertisement

दक्षिण मुंबई के इलाकों को किया गया अवरुद्ध 

न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने एक विशेष सुनवाई में कहा कि प्रदर्शनकारी आंदोलन के लिए निर्धारित स्थल आजाद मैदान में नहीं रुके हैं और उन्होंने दक्षिण मुंबई के कई महत्वपूर्ण इलाकों को अवरुद्ध कर दिया है. स्थिति गंभीर है और मुंबई शहर लगभग ठप हो गया है. प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और चर्चगेट रेलवे स्टेशनों, मरीन ड्राइव और यहां तक कि उच्च न्यायालय भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जमा हो गए हैं. उच्च न्यायालय ने कहा कि आंदोलनकारी सड़कों पर नहा रहे हैं, खाना बना रहे हैं और शौच कर रहे हैं. 

नियमों का किया गया उल्लंघन

अदालत ने कहा कि जरांगे और उनके समर्थकों ने प्रथम दृष्टया शर्तों का उल्लंघन किया है और उनके पास विरोध-प्रदर्शन जारी रखने की वैध अनुमति नहीं है. इसलिए राज्य सरकार से अपेक्षा है कि वह उचित कदम उठाकर कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करे. सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि अब से कोई भी प्रदर्शनकारी शहर में प्रवेश न करे. 

Advertisement

‘जरांगे का वचन दिखावटी…’  

महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने अदालत को बताया कि विरोध-प्रदर्शन की अनुमति केवल 29 अगस्त तक के लिए दी गई थी. पीठ ने कहा कि जरांगे द्वारा पुलिस को दिया गया वचन कि वह सार्वजनिक सभा, आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के नियमों में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करेंगे, केवल दिखावटी था. 

अदालत के निर्देशों का पालन करेगी राज्य सरकार- फडणवीस

Advertisement

यह भी पढ़ें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि प्रशासन मनोज जरांगे के नेतृत्व वाले मराठा आरक्षण आंदोलन पर बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करेगा. फडणवीस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के आरोप को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाएं हुई हैं, जिन्हें पुलिस ने कुछ ही मिनटों में निपटा दिया. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 1
A
Abhishek Kumar
6 months ago

Good Decision

0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें