×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को बड़ी राहत, विधायकी बहाल, दो साल की सजा रद्द

अब्बास अंसारी ने मऊ की सेशन कोर्ट का रुख किया था, लेकिन 5 जुलाई को अपील खारिज कर दी गई. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था.

Author
20 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:16 AM )
मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को बड़ी राहत, विधायकी बहाल, दो साल की सजा रद्द
Advertisement

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने बुधवार को मऊ की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई. इससे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है. 

मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी की विधायकी होगी बहाल

अब्बास अंसारी ने मऊ कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 30 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा. बुधवार को हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि के फैसले को पलट दिया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल होगी.

वकील उपेंद्र उपाध्याय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश को गलत ठहराया है. हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि उनको (अब्बास अंसारी) को दो साल की सजा सुनाई गई थी, जिस पर रोक लगाई जाती है."

हेट स्पीच मामले में फैसला रिजर्व 

Advertisement

2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण के मामले में अब्बास अंसारी के खिलाफ मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला दिया था. उस चुनाव में अब्बास अंसारी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे. हालांकि, इसी साल जून में मऊ कोर्ट का फैसला आया, जिसमें अब्बास अंसारी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई गई. 

1 जून 2025 को गई थी अब्बास अंसारी की विधायकी 

कोर्ट ने अब्बास अंसारी पर जुर्माना भी लगाया था. हालांकि, उसी दिन अदालत से जमानत मिलने पर अब्बास अंसारी जेल जाने से बच गए. हालांकि, कोर्ट के फैसले के आधार पर 1 जून 2025 को अब्बास अंसारी की विधायकी चली गई थी. इस संबंध में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आदेश जारी किया. उन्होंने अब्बास अंसारी की मऊ सदर सीट को रिक्त घोषित करते हुए उपचुनाव कराने पर विचार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को सूचना भेज दी थी.

यह भी पढ़ें

अब्बास अंसारी ने मऊ की सेशन कोर्ट का रुख किया था, लेकिन 5 जुलाई को अपील खारिज कर दी गई. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें