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'अपनी टांगे बचाए फिर रहा हूं ...', आजम खान ने 'Y' सिक्योरिटी लेने से किया इनकार, कहा - 'मुर्गी चोर' को भी कमांडो मिले

आजम खान ने 'Y' सिक्योरिटी लेने से मना करने के बाद सुविधाओं को लेकर भी कई सवाल उठाए. सपा नेता ने कहा कि 'अब तक गाड़ी, तेल और ड्राइवर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. मेरी मौजूदा आर्थिक स्थिति ऐसा नहीं है कि मैं इंतजाम कर सकूं, Y सिक्योरिटी में यह प्रोविजन है कि सरकार यह सब मुहैया कराएगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला.'

'अपनी टांगे बचाए फिर रहा हूं ...', आजम खान ने 'Y' सिक्योरिटी लेने से किया इनकार, कहा - 'मुर्गी चोर' को भी कमांडो मिले
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सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'Y' श्रेणी की सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है. मंगलवार को न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए आजम खान ने कहा कि मुझे अब तक लिखित में कुछ भी नहीं मिला है. इसलिए हम सुरक्षा नहीं लेना चाहते हैं. मैंने आज उन कांस्टेबल से भी कह दिया कि जब तक मेरे पास कोई सबूत नहीं आता कि मुझे सुरक्षा मिली हुई है. उस हद तक मैं इसे लेने के लिए तैयार नहीं हूं. इस दौरान आजम खान ने रामपुर शहर के विधायक आकाश सक्सेना पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे विरोधियों के पास कमांडो हैं. बता दें कि हाल ही में आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हुए हैं. 8 अक्टूबर को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनसे रामपुर जाकर मुलाकात की थी. 

आजम खान ने 'Y' श्रेणी की सुरक्षा लेने से किया इनकार

आजम खान ने यूपी की योगी सरकार द्वारा 'Y' श्रेणी की सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है. उन्होंने रामपुर शहर के विधायक आकाश सक्सेना पर तंज कसते हुए कहा कि 'हमारे विरोधियों के पास कमांडो हैं, जिन्होंने लोकतंत्र को लूटा, शहर लूटा, व्यवस्था लूटी, उनके पास सुरक्षा है. इस मुर्गी चोर के लिए कम से कम उतनी सुरक्षा दी जाए, जितनी विरोधियों के पास है.' बता दें कि आकाश सक्सेना के पास 'Y' कैटेगरी की सिक्योरिटी में 18 CRPF जवान तैनात किए गए हैं.

'अब तक गाड़ी तेल, ड्राइवर का कोई इंतजाम नहीं' 

आजम खान ने सुरक्षा लेने से मना करने के बाद सुविधाओं को लेकर भी कई सवाल उठाए. सपा नेता ने कहा कि 'अब तक गाड़ी, तेल और ड्राइवर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. मेरी मौजूदा आर्थिक स्थिति ऐसा नहीं है कि मैं इंतजाम कर सकूं, 'Y' सिक्योरिटी में यह प्रोविजन है कि सरकार यह सब मुहैया कराएगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला.' 

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खुद पर दर्ज हुए मुकदमों का जिक्र किया 

सपा के वरिष्ठ नेता ने मीडिया से बातचीत के दौरान खुद पर दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि 'आज सुबह एक अखबार में लिखा गया कि मैं सजायाफ्ता हूं. 21 साल की सजा और 36 लाख जुर्माने की बात कही गई. जब मैं सजायाफ्ता मुजरिम हूं, तो कैसे भरोसा करूं कि मुझे सुरक्षा दी जाएगी और यह कब वापस ले ली जाएगी, कौन जानता है?'

'अगर मेरे साथ हादसा हो जाए तो सिर्फ शोक जताया जाएगा'

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आजम खान ने अपनी सुरक्षा पर आशंका जताते हुए कहा कि 'वह अक्सर दिल्ली इलाज के लिए जाते रहते हैं. ऐसे में अगर उनके साथ हादसा हो जाए, तो विधानसभा और संसद में सिर्फ शोक जताया जाएगा और कहा जाएगा कि मरहम बहुत अच्छे आदमी थे, कोई यह नहीं बताएगा कि मुर्गी चोर, भैंस चोर, किताब चोर थे और उन्होंने अपनी प्रोफेसर पत्नी के साथ शराब की दुकान लूटी थी, गल्ले से 1,6900 रुपए निकाल लिए थे. 

'अपनी टांगे बचाए फिर रहा हूं' 

अपनी बात खत्म करते हुए आजम खान ने कहा कि 'मैं क्या कर सकता हूं, क्या कह सकता हूं. बस अपनी टांगे बचाए फिर रहा हूं ना जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए.' 

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23 महीने बाद जेल से रिहा हुए 

बता दें कि 20 दिन पहले आजम खान सीतापुर जेल से रिहा हुए थे, वह करीब 23 महीने से जेल में बंद थे, आजम खान जेल से बाहर आते ही फिर से चर्चा में आ गए. उनके समर्थक और सपा नेता लगातार मुलाकात करने पहुंच रहे हैं, हालांकि, उन्हें कोई खतरा नहीं है, लेकिन भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया है. 10 अक्टूबर को उन्हें SP की तरफ से 'Y' श्रेणी की सुरक्षा दी गई, जिसमें 7 पुलिसकर्मी तैनात हैं. 

कौन हैं आजम खान? 

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आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं. इसके अलावा वह सपा सरकार में पूर्व विधायक और मंत्री भी रह चुके हैं. साल 1989 में वह पहली बार यूपी के कैबिनेट मंत्री बने थे. उस दौरान उन्होंने श्रम रोजगार, वक्फ और हज जैसे विभाग संभाले. साल 1993 में मुलायम सरकार में दोबारा मंत्री बने. उसके बाद 2003 से 2007 तक यूपी के शहरी विकास जल आपूर्ति और गरीबी उन्मूलन मंत्री रहे. 2012 से 2017 के बीच अखिलेश सरकार में वह नगर विकास मंत्री रहे. 

आजम खान के खिलाफ 104 केस दर्ज 

आजम खान के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं. इनमें 93 मुकदमे रामपुर में दर्ज हैं, जिनमें 11 जमीनों से जुड़े विवाद हैं. मजिस्ट्रेट कोर्ट में 59 और सेशन कोर्ट में भी 19 मामले पेंडिंग चल रहे हैं. रामपुर के बाहर 3 मामले पेंडिंग हैं. वहीं 12 में फैसला आ चुका है.

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