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ईरान-इजरायल जंग के बीच PM मोदी ने बुलाई बड़ी मीटिंग, मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला!

खाड़ी में जंगे के दौरान बाधित हुई LPG-तेल की सप्लाई लाईन और देश में उर्जा संकट के बीच शुक्रवार को एक अहम बैठक होने वाली है. पीएम मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे, जिसमें बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है.

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26 Mar 2026
( Updated: 26 Mar 2026
05:41 PM )
ईरान-इजरायल जंग के बीच PM मोदी ने बुलाई बड़ी मीटिंग, मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला!
PM Modi Convenes All Party Meet (File Photo)
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ईरान और इजरायल के साथ जंग के बीच शुक्रवार का दिन देश के लिए अहम साबित हो सकता है. सरकार देश में उर्जा संकट और LPG को लेकर पैदा हुए हालात से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है. इसको लेकर केंद्र, राज्य और एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर कार्य किया जा रहा है. इसी सिलसिले में पीएम मोदी शुक्रवार 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों कै मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करने वाले हैं. इसमें वो पश्चिम एशिया संघर्ष के संबंध में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे. अधिकारी ने कहा कि इस बैठक का मुख्य मकसद 'टीम इंडिया' की भावना के साथ मिलकर काम करने की कोशिशों में तालमेल बिठाना होगा. 

खाड़ी संकट के बीच 'टीम इंडिया' की भावना के साथ काम

जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और इसका वैश्विक असर ज्यादा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, यह बैठक पीएम मोदी के लिए एक मंच का काम कर सकती है. इस मंच के जरिए पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देंगे और इस संकट से निपटने के भारत के तरीके पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश करेंगे.

चुनावी राज्य के सीएम नहीं होंगे बैठक में शामिल

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इस संबंध में अधिकारी ने बताया कि "चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वहां 'आचार संहिता' लागू है." उन्होंने बताया कि चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जिसका आयोजन कैबिनेट सचिवालय के जरिए किया जाएगा. इससे पहले, बुधवार शाम को नई दिल्ली में संसद भवन परिसर में सरकार ने पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा के लिए एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाई थी.

संसद के दोनों सदनों में PM के संबोधन के बाद हो रही बैठक

यह बैठक पीएम मोदी के संसद में पश्चिम एशिया के हालात पर दिए गए भाषण के बाद हुई. अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के असर को कम करने के लिए ईंधन, सप्लाई चेन, खाद और दूसरे क्षेत्रों में रणनीतियां बनाने के लिए सात 'अधिकार प्राप्त समूह' बनाए हैं.

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बुधवार को हुई थी सर्वदलीय बैठक 

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बुधवार को हुई इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, राजीव रंजन (ललन) सिंह और दूसरे नेता शामिल हुए. आपको बता दें कि इसी बीच सरकार ने तेल और गैस की सप्लाई को लेकर कहा कि देश में फिलहाल 60 दिन का स्टॉक है और करीब 74 दिनों के लिए भंडारण क्षमता है.

ये भी पढ़ें: 'पाकिस्तान दलाल है, हम नहीं...', सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान-इजरायल जंग में मध्यस्थता पर दो टूक

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए किरण रिजिजू ने बैठक में शामिल हुए सभी दलों के सदस्यों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सभी सवालों और चिंताओं का सरकार ने जवाब दिया है. उन्होंने आगे कहा कि सभी विपक्षी दलों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसमें उन्हें उनका पूरा समर्थन मिलेगा.

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ऑल पार्टी मीट में कौन-कौन शामिल हुआ?

इस बैठक में कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, सीपीआई-एम के सांसद जॉन ब्रिटास, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और दूसरे विपक्षी नेता भी मौजूद थे. यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई है. इस तनाव की वजह से समुद्री रास्ते से होने वाले जरूरी व्यापार में रुकावट आई है और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

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