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हरियाणा में खिलाड़ियों के ‘डाइट खर्च’ का मुद्दा, AAP ने सरकार पर उठाए सवाल, कहा- पोषण के लिए परेशान खिलाड़ी

AAP मीडिया प्रभारी नुराग ढांडा ने कहा, जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते, आज वही खिलाड़ी अपने खाने और पोषण के लिए परेशान हैं. खेल नर्सरियां बंद हैं,

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07 Feb 2026
( Updated: 07 Feb 2026
02:23 PM )
हरियाणा में खिलाड़ियों के ‘डाइट खर्च’ का मुद्दा, AAP ने सरकार पर उठाए सवाल, कहा- पोषण के लिए परेशान खिलाड़ी
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की BJP सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, प्रदेश में सरकार पूरी तरह फन्नी CM मॉडल पर चल रही है. जहां जनता की तकलीफ, खिलाड़ियों का भविष्य और बुज़ुर्गों की जिंदगी सरकार के एजेंडे से बाहर हो चुकी है. 

अनुराग ढांडा ने कहा, हरियाणा का नाम कभी खेलों और मेहनत की मिसाल के तौर पर लिया जाता था, लेकिन आज वही प्रदेश खिलाड़ियों की बदहाली, पेंशन कटौती और प्रशासनिक संवेदनहीनता की पहचान बनता जा रहा है. यह बेहद शर्मनाक है कि हरियाणा में 37 हजार खिलाड़ियों को पिछले एक साल से डाइट भत्ता नहीं मिला और सरकार इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताकर पल्ला झाड़ रही है. 

‘खिलाड़ियों की परेशानी मुद्दा नहीं’

अनुराग ढांडा ने कहा, जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते, आज वही खिलाड़ी अपने खाने और पोषण के लिए परेशान हैं. खेल नर्सरियां बंद हैं, अभ्यास रुका हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सिंह के लिए यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. ऐसा लगता है जैसे सरकार को लगता है कि मेडल भाषणों और विज्ञापनों से आ जाते हैं, मैदान और पसीने से नहीं. स्थितियां यहीं नहीं रुकती, खेल नर्सरियों में काम कर रहे कोचों को 10 महीने से सैलरी नहीं मिली, जिससे पूरा खेल तंत्र चरमरा गया है. जब कोच ही आर्थिक तनाव में होंगे, तो खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और ट्रेनिंग कैसे मिलेगी. यही वजह है कि आज हरियाणा का खिलाड़ी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. 

पेंशन का मुद्दा उठाया 

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अनुराग ढांडा ने बुज़ुर्गों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने 75 हजार बुज़ुर्गों की पेंशन काट दी. हैरानी की बात यह है कि किसान की फसल के दाम को ‘कमाई’ बताकर उसकी पेंशन रोक दी गई. जो किसान जीवन भर खेतों में मेहनत करता रहा, उसी को बुढ़ापे में यह कहकर दंडित किया जा रहा है कि अब वह पेंशन का हकदार नहीं है. यह सिर्फ नीतिगत असफलता नहीं, बल्कि अमानवीय सोच का उदाहरण है. 

अनुराग ढांडा ने कहा, खिलाड़ी भूखे हैं, बुज़ुर्ग पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, किसान अपमानित महसूस कर रहे हैं, लेकिन सीएम साहब ‘सब ठीक है’ के भाव में नज़र आते हैं. सरकार गंभीर समस्याओं को भी हल्के में ले रही है. 

पंजाब में खिलाड़ियों को मिली सुविधाओं का जिक्र 

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उन्होंने कहा, इसके उलट आम आदमी पार्टी ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो तो व्यवस्था बदली जा सकती है. पंजाब में खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय स्टेडियम, समय पर भत्ते, सम्मान और सुविधाएं दी जा रही हैं. AAP मानती है कि खिलाड़ी बोझ नहीं, प्रदेश की शान होते हैं. बुज़ुर्ग दया के नहीं, सम्मान के हकदार होते हैं और किसान सिर्फ आंकड़ा नहीं, अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है. 

अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि हरियाणा की BJP सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है और यही वजह है कि आम आदमी पार्टी इन मुद्दों को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उठाएगी. यह लड़ाई खिलाड़ियों के हक की है, बुज़ुर्गों के सम्मान की है और हरियाणा की आत्मा को बचाने की है. सरकार चाहे जितनी “चिल” बनी रहे, जनता अब सवाल पूछने लगी है और जवाब लेकर ही मानेगी. 

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