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केसरिया में 22 करोड़ की परियोजना अंतिम चरण में, CM ने अचानक पहुंचकर दिए कई निर्देश

विधायक शालिनी मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बार विशेष रूप से बौद्ध स्तूप के रेप्लिका का निरीक्षण किया, जो असली स्तूप के आकार का लगभग 25 प्रतिशत प्रतिरूप है.

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11 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
12:00 PM )
केसरिया में 22 करोड़ की परियोजना अंतिम चरण में, CM ने अचानक पहुंचकर दिए कई निर्देश
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे को लेकर जेडी(यू) विधायक शालिनी मिश्रा ने लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे चंपारण और खासकर केसरिया विधानसभा के लिए गर्व का पल है. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री ने चंपारण का रुख किया और अपनी पहली यात्रा के लिए केसरिया को चुना. इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है? 

“केसरिया के प्रति मुख्यमंत्री का लगाव पुराना है”

शालिनी मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री का केसरिया के प्रति लगाव कोई नया नहीं है, पिछले पांच साल में वे पांच बार यहां आ चुके हैं और इस बार भी जैसे ही नया कार्यकाल शुरू हुआ, वे तुरंत केसरिया पहुंच गए. ये संकेत देता है कि आने वाले दिनों में केसरिया बड़ी तरक्की की ओर बढ़ने वाला है.

विधायक शालिनी मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बार विशेष रूप से बौद्ध स्तूप के रेप्लिका का निरीक्षण किया, जो असली स्तूप के आकार का लगभग 25 प्रतिशत प्रतिरूप है. 

छह महीने में काम होगा पूरा

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उन्होंने बताया कि यह काम काफी तेजी से चल रहा है और अगले छह महीने में पूरा हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने खुद साइट पर जाकर हर चीज विस्तार में समझी कि कहां क्या बन रहा है, कितनी सीटें होंगी, पर्यटन सुविधाओं की प्लानिंग क्या है.

22 करोड़ की परियोजना अंतिम चरण में

उन्होंने बताया कि केसरिया को एक बड़े पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पहले से चल रही है. ठीक दो साल पहले, 12 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था और उसी वक्त कैफेटेरिया का उद्घाटन भी किया था. अब उसी योजना का काम अंतिम चरण में है. लगभग कुल 22 करोड़ रुपए की लागत से यह पूरा प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है.

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विधायक ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री से उनकी कई मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई. केसरिया के लोगों की लंबे समय से मांग है कि खजुरिया को प्रखंड बनाया जाए. इस पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. इसके अलावा, बौद्ध स्तूप के सौंदर्यीकरण को लेकर भी बातचीत हुई. 

बिना कार्यक्रम के स्तूप में पहुंचे सीएम, दिए कई निर्देश

शालिनी मिश्रा ने कहा कि प्रोग्राम में स्तूप का निरीक्षण शामिल नहीं था, लेकिन मुख्यमंत्री खुद ही अंदर चले गए और लाइटिंग सहित कई सुधारों की बात कही.

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इस यात्रा ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में केसरिया न सिर्फ विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा, बल्कि बिहार का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी बनेगा.

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