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मुस्लिमों पर दिखा मौलाना की अपील का असर, महाकुंभ में मुस्लिमों ने क्या किया ?

महाकुंभ समाप्त हो रहा है इस बीच महाकुंभ में फूल से श्रद्धालुओं का स्वागत मुस्लिम समाज के लोगों ने किया, जिसकी तारीफ़ हो रही है विस्तार से जानिए पूरी ख़बर

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महाकुंभ धीरे-धीरे समाप्ति की तरफ़ बढ़ रहा है, 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फ़रवरी को महाशिवरात्रि के साथ संपन्न हो जाएगा। सनातन संस्कृति के महापर्व महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने वालों ने इतिहास रच दिया, महाकुंभ में लगभग 50 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान करने का महा रिकॉर्ड बना दिया। पवित्र त्रिवेणी में सनातन आस्था की पावन डुबकी लगाकर धार्मिक और सांस्कृतिक एकता की अद्वितीय मिसाल कायम की है। वही सरकार ने भी श्रद्धालुओं के स्वागत में आसमान से पुष्प वर्षा की।

भव्य और दिव्य महाकुंभ की इन तस्वीरों ने सबका दिल जीत लिया, लेकिन इसी बीच प्रयागराज के मुसलमानों ने जो किया उसकी भी खूब चर्चा हो रही है। क्यों, मौलाना के एक आदेश पर मुसलमानों ने महाकुंभ समाप्त होते होते बड़ा काम कर दिया। जहां एक तरफ़ अफजाई अंसारी जैसे नेता महाकुंभ पर तंज कस रहे हैं, कुछ कट्टरपंथी महाकुंभ को बदनाम करने में लगे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ़ प्रयागराज के कुछ चुनिंदा मुसलमानों ने महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत फूल बरसा कर किया। दरअसल, मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रयागराज के तमाम मुसलमानों से अपील करते हुए कहा था कि जिन मुस्लिम मोहल्लों और गांवों से श्रद्धालु गुज़रें, उन पर पुष्प वर्षा करके उनका स्वागत करें, ताकि सद्भाव और प्रेम का पैगाम जाए।

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मौलाना शहाबुद्दीन की अपील का असर महाकुंभ समाप्त होते होते प्रयागराज के कुछ मुसलमानों पर दिखा और माघी पूर्णिमा के दिन इन लोगों ने श्रद्धालुओं को स्वागत फूल बरसाकर किया, जिसकी तारीफ हो रही है। खैर, ये वही मौलाना शहाबुद्दीन रिज़वी हैं जो एक वक्त महाकुंभ के आयोजन वाली ज़मीन को वक़्फ़ की ज़मीन बता रहे थे, लेकिन सीएम योगी का तेवर देखकर उनके बयान में नरमी दिखी तो भाई-चारे का पैग़ाम देते हुए वो नज़र आए और मुसलमानों से पुष्प वर्षा करके श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए कहा, जिसका थोड़ा असर भी देखने को मिला।

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मौलाना शहाबुद्दीन के इसी बयान पर खूब बवाल मचा था, जिसके बाद सीएम योगी ने जवाब देते हुए कहा था, “जिन्हें विकास पसंद नहीं वही विवाद खड़ा करते हैं, ऐसे लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोग वक्फ को भूमाफिया बोर्ड ना बनाएं…” 

सीएम योगी के जवाब के बाद मौलाना शहाबुद्दीन के तेवर कम हुए थे, जिसके बाद वो शांति और सौहार्द की बात करते हुए नज़र आए, जिसका थोड़ा असर देखने को मिला जब माघी पूर्णिमा पर कुछ मुसलमानों ने फूल बरसाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

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