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महाकुंभ में आधी रात भारी भीड़ के चलते मच गई भगदड़, बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल

संगम तट पर मौनी अमावस्या स्नान को लेकर अत्यधिक भीड़ उमड़ी। इस दौरान मंगलवार-बुधवार रात करीब एक बजे एक ऐसी हृदय विदारक घटना हुई जो काफ़ी दुखद है। संगम घाट पर श्रद्धालु को अत्यधिक भीड़ होने के चलते भगदड़ हुई, जिसके चलते एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घायल भी हुए है जिनका अस्तपाल में उपचार चल रहा है।

महाकुंभ में आधी रात भारी भीड़ के चलते मच गई भगदड़, बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में शामिल होने के इए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बीच संगम तट पर मौनी अमावस्या स्नान को लेकर अत्यधिक भीड़ उमड़ी। इस दौरान  मंगलवार-बुधवार रात करीब एक बजे  एक ऐसी हृदय विदारक घटना हुई जो काफ़ी दुखद हैं। संगम घाट पर श्रद्धालु को अत्यधिक भीड़ होने के चलते भगदड़ हुई, जिसके चलते एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घायल भी हुए है जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा हैं। हादसे के बाद महाकुंभ क्षेत्र से जो तस्वीरें निकलकर सामने आ रही है वो विचलित करने वाली है। इस घटना के बाद सिर्फ़ प्रयागराज ही नहीं बल्कि काशी और अयोध्या को भी अलर्ट किया गया है। क्योंकि इन जगहों पर भी कुंभ के पलट प्रवाह का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। वही इस स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नज़र बनाए हुए हैं। इस दौरान अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान को रद्द करने की बात कही हैं।



अखाड़ा परिषद का बयान 

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि प्रयागराज में ऐसी घटना हो गई है, जिस कारण अखाड़ा परिषद ने आज का अमृत स्नान रद्द करने का फैसला लिया हैं। उन्होंने कहा कि अगला स्नान बसंत पंचमी को होगा। आज की घटना से वे काफी आहत हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जहां पर आसानी से व्यवस्था हो, वहीं स्नान कर लें। उन्होंने कहा कि अब वे बसंत पंचमी का स्नान करेंगे।उन्होंने कहा कि आज हम स्नान नहीं करेंगे। जब हम स्नान के लिए निकलते तो हजारों की संख्या में साधु संत भी मौजूद होते। भीड़ बहुत है, इस कारण लोग भी जुलूस देखने आ सकते हैं। कोई अप्रिय घटना न हो, इसे देखते हुए हम स्नान नहीं करेंगे। जहां पर प्रशासन कह रहे हैं, वहीं पर स्नान करें। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। संत महात्मा और सरकार सबके साथ हैं। उन्होंने कहा कि समय अधिक बीत गया है और दुखद घटना के कारण हमने अपना स्नान रद्द किया है। मेले में बहुत अच्छी व्यवस्था है। लेकिन भावना के बादल में संख्या ज्यादा आ गई है। अपने स्तर पर प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है। चैनलों और अन्य जगह से इस घटना की जानकारी मिली है। अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


यह अप्रिय घटना दु:खद 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि आज यहां अप्रिय घटना हो गई है। इस कारण अखाड़ा स्नान नहीं करेंगे। चूक के बारे में उन्होंने जानकारी देने से मना कर दिया है। घायलों को ईश्वर जल्द स्वस्थ करें। इस प्रकार की घटना में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने अपनी व्यवस्था कर रखी है। इस संवेदनशील घटना पर राजनीति नहीं करना चाहिए। घटना क्यों हुई है, यह जांच का विषय है।


बैरियर टूटना बना हादसा का कारण 

महाकुंभ में भगदड़ की खबर पर, विशेष कार्याधिकारी कुंभ मेला प्राधिकरण अकांक्षा राणा ने कहा, "संगम नोज पर बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। कोई भी गंभीर नहीं है ..."


बताते चले कि प्रयागराज में महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान आज जारी है। मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए भोर में अखाड़ों के साधु-संत संगम के लिए निकले थे। भगदड़ की घटना और संगम पर हालात बेकाबू होने के बाद प्रशासन ने अखाड़ों से अपील की कि स्नान के लिए न जाएं। इसके बाद अखाड़े के साधु-संत शिविर में लौट आए। यहां साधु-संतों ने बैठक की। तय हुआ कि अखाड़ों के साधु-संत मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करेंगे। अखाड़ों ने अमृत स्नान टाल दिया। सुबह पांच बजे श्री महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा को अमृत स्नान करना था। इसके बाद निरंजनी और आनंद अखाड़ा स्नान करते। फिर जूना, अग्नि, आवाहन और किन्नर अखाड़ा के स्नान का समय था। इनके बाद वैष्णव संप्रदाय के दिगंबर अनी, निर्मोही अनी और निर्वाणी अनी स्नान करते। अंत में निर्मल अखाड़ा को अमृत स्नान करना था।महाकुंभ के अस्पताल में घायलों को लेकर आने वाली एंबुलेंस का तांता लगा हुआ था। राहत और बचाव कार्य में पूरा प्रशासन जुटा है।

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