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लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर, महाकुंभ, महिलाओं के प्राइवेट वीडियो लीक करने वाले रैकेट का भंडाफोड़

गुजरात के राजकोट की एक मैटरनिटी अस्पताल से महिलाओं के प्राइवेट लीक किए जाने का शर्मनाक मामला सामने आया है. लेबर रूम से महिलाओं के इलाज के दौरान के वीडियो Youtube Telegram पर अपलोड कर बेचे जा रहे थे. पुलिस ने छानबीन की तो खुलासा हुआ कि ये रैकेट ना केवल एक हॉस्पिटल बल्कि कई मॉल के चेजिंग रूम, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, यहां तक कि महाकुंभ में महिलाओं के नहाते और कपड़े बदलने वाले वीडियो भी बेचते थे.

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सोशल मीडिया पर मुस्लिम महिलाओं की फोटो डालकर उनकी बोली लगाई जा रही थी. साथ में कैप्शन भी दिया गया था 'आज की आपकी बुल्ली बाई'. इस पूरे मामले के खुलासे के बाद सनसनी मच गई. महिलाओं की खुलेआम वर्चुअल नीलामी हो रही थी. जो समाज की घटिया सोच और घिनौने इरादों की असलियत थी. इस घटना के ठीक 3 साल बाद फिर ऐसा ही मामला सामने आया है. जिसने घिनौनियत की सारी हदें ही पार कर दी. अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन ,ऑपरेशन रूम,लेबर रूम,X Ray,पार्लर और तो और  महाकुंभ .

एक रैकेट जो इन सब जगहों से महिलाओं के प्राइवेट वीडियो प्रसारित करता है. सोचिए हॉस्पिटल, लेबर रूम जैसी जगहों से महिलाओं के वीडियो बकायदा बेचे जा रहे हैं. और तो और आस्था के पर्व महाकुंभ को भी नहीं छोड़ा गया. महाकुंभ में नहाती कपड़े बदलती महिलाओं के वीडियो चाहिए तो उसके भी रेट तय हैं. अलग अलग जगह और सिचुएशन के हिसाब से महिलाओं के लीक वीडियो की Youtube और Telegram। के जरिए खरीद फरोख्त की जा रही है. इस रैकेट ने देशभर में अपना जाल फैला रखा है. 

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दरअसल, इस पूरे मामले का खुलासा गुजरात के राजकोट की एक हॉस्पिटल से हुआ. जहां एक मैटरनिटी हॉस्पिटल के लेबर रूम से महिलाओं का वीडियो Youtube पर अपलोड किया गया था. जब उस YouTube चैनल पर विजिट किया गया तो एक नहीं वहां ऐसे कई वीडियो अपलोड किए गए थे. इसके लिए बकायदा सैक्शन बनाए गए थे. पूरा वीडियो देखने के लिए टेलीग्राम और Youtube पर सब्सक्रिब्शन का ऑफर दिया जाता है. यानि औरतों के प्राइवेट वीडियो लीक करके कमाई का ये घिनौना धंधा फल फूल रहा था. 

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महाकुंभ को भी नहीं बख्शा 

इस रैकेट के पास महाकुंभ में नहाती और कपड़े बदलती महिलाओं के वीडियो भी थे. महाकुंभ से जुड़े कीवर्ड के साथ इन वीडियो को वायरल किया जा रहा था. टेलीग्राम पर ये वीडियो बेचे भी जा रहे थे. ऐसे ग्रुप से जुड़ने के लिए 2 से 3 हजार रुपए लिए जा रहे थे. महाकुंभ की महिलाओं के प्राइवेट वीडियो वायरल होते ही यूपी पुलिस एक्टिव हो गई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जानकारी मांगी. साथ ही ऐसे टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई की तैयारी भी कर ली. 

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फ्रीलांस जर्नलिस्ट ने किया खुलासा 

इस पूरे मामले का खुलासा सबसे पहले एक गुजराती फ्रीलांस जर्नलिस्ट सागर पटौलिया की पोस्ट के बाद हुआ. सागर पटौलिया ने मामला उजागर करते हुए लिखा, 

गुजरात के एक अस्पताल में महिलाओं के चेकअप के दौरान का CCTV फुटेज कुछ यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए जा रहे हैं. जो कि बेहद शर्मनाक है. यूट्यूब चैनल के माध्यम से ये लोग अपने टेलीग्राम चैनल से जुड़ने की अपील करते हैं. राज्य के सभी अस्पतालों को भी यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति की निजता का हनन जघन्य अपराध है. 

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न केवल राजकोट बल्कि देशभर की कई अस्पतालों और मॉल्स के चेजिंग रूम के ऐसे वीडियो टेलीग्राम पर मौजूद थे. हालांकि मामला गर्माया तो पुलिस भी एक्टिव हो गई. अहमदाबाद पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट कर लिया. इनमें दो महाराष्ट्र से तो एक अहमदाबाद से अरेस्ट किया गया. इस पूरे घिनौने कृत्य को इंटरनेशनल हैकर्स की मदद से अंजाम दिया जा रहा था. जो CCTV हैक करने में भारत में बैठे आपराधिक मानसिकता वाले लोगों की मदद कर रहे थे. इन 

  1. हैकर्स ने दिसंबर 2024 में राजकोट की पायल मैटरनिटी के CCTV हैक करने की कोशिश की. (हालांकि )
  2. फरवरी 2025 में इनको सफलता मिली
  3. अस्पताल की 30 महिला मरीजों के प्राइवेट वीडियो लीक किए
  4. इन वीडियोज के व्यूज टेलीग्राम पर 5 लाख से ज्यादा थे 

हालांकि सवाल लेबर रूम में CCTV लगाने पर भी उठे. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि, लेबर रूम में महंगे इंजेक्शन रखे गए थे. जिसके कारण CCTV लगाए गए थे. लेकिन इनका गलत इस्तेमाल किया गया. फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट की जानकारी में जुट गई है. पुलिस को पूरा अंदेशा है कि इस कांड के किरदार अभी और भी हैं. 

महिलाओं के वीडियो लीक होने की घटना पर आम महिलाओं ने ही नहीं बल्कि खास ने भी चिंता जताई. राजनीतिक हलको से भी इस मामले पर रिएक्शन आए. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, औरतों के प्राइवेट वीडियो लीक करके कमाई की जा रही है. यहां तक कि कुंभ में नहाती महिलाओं को भी नहीं बख्शा. अब इलाज कराना और आस्था की डुबकी लगाना भी दूभर है. कितना सड़ चुका है समाज. 

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वहीं, सवाल ये भी है कि Youtube की ओर से ऐसे कंटेट को परमिशन कैसे दी जा सकती है ? एक तरफ सोशल मीडिया पर अश्लील भाषा, अश्लील शब्दों पर बहस हो रही है. और दूसरी ओर महिलाओं की निजता का ना सिर्फ खुलेआम घिनौना प्रदर्शन किया जा रहा है बल्कि इनसे घिनौनी मानसिकता वाले लोगों का धंधा भी फल फूल रहा है. सोशल मीडिया कंटेट पर न केवल कैंची चलाने की जरूरत है बल्कि मॉनिटरिंग में भी बड़े बदलाव होने चाहिए. 


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