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महाकुंभ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की एंट्री, त्रिवेणी संगम में स्नान कर दुनिया को देंगी संदेश !
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को प्रयागराज के पावन संगम में स्नान करेंगी, राष्ट्रपति का यह दौरा देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायी क्षण होगा।
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प्रयागराज की पवित्र धरा पर आस्था और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगी। यह ऐतिहासिक क्षण केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को प्रयागराज में महाकुंभ के पावन अवसर पर पधारेंगी। वह यहां लगभग आठ घंटे तक रहेंगी और इस दौरान संगम स्नान करेंगी, वहीँ वो अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
महाकुंभ में इस तरह बिताएंगी द्रौपदी मुर्मू अपना समय -
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आपको बता दें भारत की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचेंगी और त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगी। सनातन परंपराओं में संगम स्नान को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है, और यह अवसर राष्ट्रपति के लिए भी आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होगा। यह पहली बार नहीं है जब कोई राष्ट्रपति महाकुंभ में स्नान कर रहा हो। इससे पहले भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी इस पुण्य अवसर पर आस्था की डुबकी लगाई थी।
संगम स्नान के बाद राष्ट्रपति अक्षयवट के दर्शन करेंगी। हिंदू धर्म में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है और इसकी महत्ता पुराणों में वर्णित है। इस पवित्र स्थल के दर्शन करने से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। इसके बाद वह बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन करेंगी और पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
राष्ट्रपति महाकुंभ में आधुनिक तकनीक के समावेश को भी प्रोत्साहित करेंगी। वे डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का अवलोकन करेंगी, जहां श्रद्धालु तकनीकी माध्यमों से महाकुंभ मेले की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस केंद्र की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महाकुंभ को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना है। डिजिटल युग के इस केंद्र के माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालु महाकुंभ को और अधिक निकटता से अनुभव कर सकेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम -
सुरक्षा की दृष्टि से प्रयागराज में विशेष इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा केवल प्रयागराज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक होगा। यह यात्रा महाकुंभ के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। राष्ट्रपति शाम लगभग 5:45 बजे प्रयागराज से वापस दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की इस यात्रा से महाकुंभ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को वैश्विक पहचान मिलेगी। उनकी उपस्थिति से यह आयोजन और अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक बन जाएगा। यह अवसर सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं की गहराई को दर्शाने वाला होगा, जिससे आस्था और श्रद्धा को नया आयाम मिलेगा।
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