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400 हिंदुओं की अस्थियां लेकर Kashi आए पाकिस्तानी हिंदू की Modi और Yogi से गुहार !

पाकिस्तान से चार सौ सनातनियों की अस्थियां लेकर भारत आए कराची के पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत रामनाथ मिश्रा ने मोदी सरकार से लगाई वीजा प्रक्रिया आसान करने की गुहार तो वहीं महाकुंभ में योगी सरकार की व्यवस्था की खूब की तारीफ !

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सनातन धर्म को मानने वाले हर हिंदू की चाहत होती है कि मृत्यु के बाद उनकी अस्थियों को मां गंगा की पावन धारा में प्रवाहित किया जाए। पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं की भी यही चाहत है। मगर दोनों देशों के बीच खराब रिश्तों की वजह से उनकी ये चाहत पूरी नहीं हो पाती। इसीलिये पिछले कई सालों से पाकिस्तान के कराची में स्थित श्रीपंचमुखी हनुमान मंदिर में हिंदुओं की अस्थियों को इस उम्मीद में संभाल कर रखा जा रहा था कि कभी ना कभी वो दिन जरूर आएगा जब उनकी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाएगा। और वो दिन भी गया जब मोदी सरकार ने पाकिस्तानी हिंदुओं के जत्थे को महाकुंभ के पावन अवसर पर भारत आने के लिए वीजा दिया।

मोदी सरकार ने पाकिस्तानी हिंदुओं का दर्द समझा और बारह साल बाद आए महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए उन्हें वीजा दे दिया गया। जिसके बाद कराची में स्थित श्रीपंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत रामनाथ मिश्रा महाराज के नेतृत्व में पाकिस्तानी श्रद्धालुओं का एक जत्था भारत आया। और सबसे पहले संगम में जाकर डुबकी लगाई।

संगम में 12 फरवरी को यानि माघी पूर्णिमा के दिन अपने बच्चे का जनेऊ संस्कार और मुंडन कराने के साथ ही रामनाथ मिश्रा ने संगम में डुबकी भी लगाई। और पाकिस्तान के साथ साथ सनातन धर्म के कल्याण के लिए भी कामना की। संगम में डुबकी लगाने के बाद पाकिस्तान से आए रामनाथ मिश्र महादेव की काशी पहुंच गये। जहां उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ दरबार में मत्था टेका और भारत आने की वजह भी बताई।

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पाकिस्तान से भारत आए रामनाथ मिश्रा ने मोदी और योगी सरकार से वीजा प्रक्रिया में नरमी लाने की अपील भी की। और भावुक होते हुए कहा कि हम हिंदुओं के लिए चार धाम यात्रा तो हिंदुस्तान में ही है, तो हम लोग कहां जाएंगे।

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चार सौ हिंदुओं और सिखों की अस्थियां लेकर गंगा में विसर्जित करने के लिए भारत आए रामनाथ मिश्रा का कहना है कि पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं में भी 144 साल बाद आए महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए काफी उत्साह था। इसीलिये हमने पीएम मोदी और अमित शाह को लेटर लिखा था। तब जाकर हमें वीजा मिला। और भारत आने के बाद योगी सरकार ने भी प्रयागराज में हमें अच्छी व्यवस्था की। जिसे देख कर एक अपनापन लग रहा था।

आपको बता दें यह तीसरी बार है जब विभाजन के बाद पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत लाई गई हैं।

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इससे पहले साल 2011 और साल 2016 में भी अस्थियां लाई जा चुकी हैं। और इस बार कराची के पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत रामनाथ मिश्रा चार सौ लोगों की अस्थियां लेकर भारत आए हैं। जिन्हें दिल्ली के निगम बोध घाट पर 4 से 21 फरवरी तक रखा जाएगा। और फिर 22 फरवरी को हरिद्वार के कनखल में सीता घाट पर 100 किलो दूध की आहुति के साथ विसर्जन किया जाएगा। इसी के साथ महंत रामनाथ मिश्रा का उद्देश्य भी पूरा हो जाएगा और फिर वो वापस अपने वतन पाकिस्तान लौट जाएंगे।



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