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Mahakumbh 2025 : महाकुंभ 2025 के लिए यूपी पुलिस को दी जाएगी खास ट्रेनिंग, AI टेक्नोलॉजी का भी होगा इस्तेमाल

महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर है। यूपी की योगी सरकार इस महाकुंभ को अब तक का सबसे बड़ा महाकुंभ बनाने की तैयारी में है। यूपी सरकार अपने पुलिसकर्मियों को महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं से किस तरह का व्यवहार करना है और कैसे उनकी मदद करनी है। इसकी खास ट्रेनिंग देने जा रही है।

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यूपी के प्रयागराज जिले में लगने वाले महाकुंभ 2025 को लेकर तैयारियां जोरों पर है। योगी सरकार इस महाकुंभ को सबसे खास बनाने के लिए कई नए प्रयोग करने की तैयारी में है। करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के इस महाकुंभ में पहुंचने की संभावना है। इस बात का ध्यान रखते हुए। योगी सरकार हर एक श्रद्धालु से विनम्र व्यवहार और उनकी हर एक तरीके से मदद के लिए यूपी पुलिस के जवानों को खास ट्रेनिंग देने जा रही है। बता दें सरकार पुलिस कर्मियों के लिए "जेंडर सेंसटाइजेशन" और "सॉफ्ट स्किल" जैसे प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। 

महाकुंभ में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को दी जाएगी खास ट्रेनिंग 

बता दें कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन प्रयागराज में होने जा रहा है। यूपी सरकार द्वारा महाकुंभ 2025 के लिए तैयारियां काफी तेजी से चल रही हैं। ऐसे में यूपी सरकार अपने पुलिस कर्मियों को खास ट्रेनिंग देने जा रही है। इस ट्रेनिंग के तहत पुलिस कर्मियों को जेंडर संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाया जाएगा। ताकि महाकुंभ मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से वह बेहतर व्यवहार बना सके। पुलिसकर्मियों के इस खास ट्रेनिंग के पहले बैच की शुरुआत 16 अक्टूबर से हो रही है। इस बैच में महिलाओं के प्रति किस तरह का व्यवहार रखना है। उसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। करोड़ों की भीड़ में  महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करना सरकार के लिए संभव नहीं है। यही वजह है कि पुरुष पुलिसकर्मियों को ज्यादा संख्या में तैनात किया जाएगा। इन पुलिसकर्मियों को पुरुष और महिला दोनों से व्यवहार करने के लिए "जेंडर संवेदनशीलता" की ट्रेनिंग दी जाएगी। इनमें महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार उनकी मदद और कैसे बातचीत करनी है। इसकी खास ट्रेनिंग दी जाएगी। 
दिसंबर तक चलने वाले कुल 21 दिनों तक 2 बैच में यह ट्रेनिंग दी जाएगी। 

"सुरक्षा आपकी-संकल्प हमारा" ध्येय के साथ यूपी पुलिस करेगी सेवा 

महाकुंभ 2025 के एसएसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि "सुरक्षा आपकी-संकल्प हमारा" ध्येय वाक्य के साथ यूपी पुलिस का पूरा ध्यान महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करना और विनम्र व्यवहार करने पर होगा। ताकि जो भी श्रद्धालु इस महाकुंभ में आए। वह सुखद अनुभव लेकर जाए। 

"सॉफ्ट स्किल" प्रोग्राम में पुलिसकर्मी सीखेंगे यह बातें 

महाकुंभ में ज्यादातर श्रद्धालु आम नागरिक साधु,संन्यासी या फिर विदेशी पर्यटक होंगे।  सभी से किस तरह का व्यवहार करना है।  कैसे उनकी मदद करनी है। कैसे विनम्र रहना है। परिवार से बिछड़ गए हो,यातायात से जुड़े साधन की जानकारी,मेले के सही रूट की जानकारी,शौचालय घर की जानकारी,खाने पीने और स्नान वाले क्षेत्रों की जानकारी, ठहरने का स्थान जैसे कई जानकारी को बताने के लिए सभी पुलिसकर्मियों को "सॉफ्ट स्किल प्रोग्राम" के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी। 

इस बार के महाकुंभ में AI टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल 
एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी ने बताया कि महाकुंभ की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होगा। विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ देश के अलग-अलग कोने से आ रहे सभी लोगों से उनकी भाषा में बात करने के लिए AI टेक्नोलॉजी की मदद ली जाएगी। यूपी पुलिस भाषिणी ऐप का भी इस्तेमाल करेगी। जिससे  अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है। सभी पुलिस कर्मियों को चैटबॉट की भी जानकारी दी जाएगी। यूपी सरकार ने उम्मीद जताई है कि करीब 40 करोड़ लोग इस महाकुंभ मेले में आएंगे। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। 
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