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Maha Kumbh: कौन हैं संगम में नहाने पहुंचीं शबनम शेख जिन्होंने की योगी की तारीफ ?

Prayagraj: संगम नगरी में महाकुंभ का आगाज हो गया है जहां साधु-संत और श्रद्धालु संगम में स्नान कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ एक मुस्लिम होने के बावजूद शबनम शेख भी महाकुंभ में स्नान करने पहुंचीं तो सुनिये क्या कहा ?

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संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ का आगाज होने से पहले ही मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग जोर पकड़ने लगी थी।अखाड़ों ने जहां थूक जिहाद का जिक्र करते हुए मुस्लिमों के दुकान लगाने पर बैन की मांग की थी तो वहीं बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तो यहां तक कह दिया था कि "मक्का-मदीना में हमारे गरीब हिंदू भाइयों को दुकान मिल सकती है क्या, नहीं ना, क्या किसी चर्च के सामने कोई हिंदू कैंडल की दुकान लगा सकता है क्या, नहीं ना, अगर आप को हमारे धर्म के बारे में नहीं पता है, अगर आप को संगम के बारे में नहीं पता है, आप को सत्संग के बारे में नहीं पता है तो आप वहां बिजनेस करके क्या करोगे? क्या आप हमारी पवित्रता को बरकरार रख पाएंगे?


महाकुंभ में मुस्लिमों को बैन करने की मांग जहां जोर पकड़ती गई। तो वहीं इसी बीच एक न्यूज चैनल से बात करते हुए सीएम योगी ने इस विवाद पर दो टूक जवाब दे दिया कि। "जिनके मन में भारत और भारतीयता के प्रति, भारत की सनातन परंपरा के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव है, वो यहां पर आएं, लेकिन अगर कोई कुत्सित मानसिकता के साथ यहां आता है तो मुझे लगता है कि उसकी भावनाओं को भी अच्छा नहीं लगेगा और उसके साथ अन्य तरीके से भी व्यवहार हो सकता है, इसलिए वैसे लोग न भी आएं तो अच्छा है, लेकिन श्रद्धा के साथ आने वाला हर व्यक्ति प्रयागराज आए"

सीएम योगी के इसी बयान के बाद सनातन धर्म का सम्मान करने वाले मुस्लिम भी महाकुंभ पहुंचने लगे हैं।वो भी तन पर भगवा और सिर पर हिजाब लगाकर।

सिर को हिजाब से ढंक कर तीर्थ राज प्रयागराज की धरती पर कदम रखने वाली इस महिला का नाम शबनम शेख है। जिनका नाम भले ही शबनम शेख हो। धर्म से भले ही मुसलमान हों।लेकिन इसके बावजूद सनातन धर्म का भी पूरा सम्मान करती हैं। इसीलिये जब साल 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी तो पैदल ही मुंबई से अयोध्या पहुंच गईं तो वहीं अब संगम नगरी में महाकुंभ का आगाज होते ही प्रयागराज पहुंच गईं।और महाकुंभ में आने पर शबनम शेख खुद को इतना सौभाग्यशाली मानती हैं कि यूट्यूब चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा। "ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है कि 144 के बाद जो महाकुंभ आता है उसमें मुझे आने का मौका मिला है, मैं 13 जनवरी को आने वाली थीं लेकिन मैंने सुना था कि मुसलमानों का यहां आना मना है फिर योगी जी की दूसरी वीडियो देखी जिसमें उन्होंने बोला कि कुंभ में हर कोई आ सकता है ये कुंभ हम सारे भारतीयों के लिए है लेकिन अच्छे मन से आइये, श्रद्धा के मन से आइये अगर आप कुछ गलत सोच कर आएंगे, गलत विचार लेकर आएंगे तो फिर आपके साथ अच्छा नहीं होगा"

सीएम योगी के इसी बयान के बाद वो एक मुस्लिम होने के बावजूद महाकुंभ में आईं। और जब उनसे सिर पर हिजाब बांधने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बहुत ठंड है इसलिये मैंने ये बांध रखा है और रही बात भगवा की तो ये हमारी आन बान शान है, हमारे साध्वी, संत, महंत जी का ये चोला है जिसे राम जी ने भी धारण किया था। 

आपको बता योगी को देश का प्रधानमंत्री बनते हुए देखने की चाहत रखने वालीं शबनम शेख एक मुस्लिम होने के बावजूद सनातन धर्म को मानती हैं। साल 2024 में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मुंबई से अयोध्या तक पैदल यात्रा करने की वजह से पहली बार चर्चा में आईं थीं।जिसके बाद उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया गया था। लेकिन इसके बावजूद शबनम शेख के कदम अयोध्या जाकर ही रुके।जहां राम लला के दर्शन के बाद शबनम शेख अब महाकुंभ में संगम स्नान करने के लिए प्रयागराज आई हैं। 
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