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Maha Kumbh: किसी बहू ने सास को पीठ पर लाद लिया तो कोई पत्नी बिछड़े पति को पाकर रोने लगी !
Prayagraj: Maha Kumbh रिया रिछारिया, ममता कुलकर्णी, आईआईटी वाले बाबा तक ही सीमित नहीं है, असली खबर तो ऐसी तस्वीरों में छुपी है जब एक महिला खोये पति को पाकर रोने लगे और एक महिला बहू का फर्ज निभाते हुए सास को ही पीठ पर लाद कर महाकुंभ पहुंच जाए !
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तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में 144 साल के दुर्लभ संयोग के बाद महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। जिसमें हिस्सा लेने के लिए देश दुनिया से लोग संगम में डुबकी लगाने के लिए आ रहे हैं। जिसे देख कर ऐसा लग रहा है जैसे मानो पूरी दुनिया यहीं आकर ठहर गई हो। साधु संन्यासियों के साथ ही हर रोज करोड़ों श्रद्धालुओं का सैलाब संगम पर उमड़ रहा है। जहां नई नई कहानियां भी निकल कर सामने आ रही हैं। कभी मोनालिसा की कहानी। तो कभी आईईटीयन बाबा की कहानी। लेकिन आज हम आपको बताएंगे। एक पत्नी की अपने पति के लिए प्यार की कहानी।
एक वक्त था। जब महाकुंभ के मेले के बारे में अक्सर भाई बिछड़ जाया करते थे। लेकिन हाईटेक होती दुनिया में अब महाकुंभ में कोई बिछड़ता भी है तो योगी सरकार का पुलिस प्रशासन उसे ढूंढ़ निकालता है। लेकिन इसके बावजूद संगम में उमड़े करोड़ों श्रद्धालुओं के सैलाब में कोई भी अपनों को खोना नहीं चाहता है। इसीलिये अपने प्रियजनों का हाथ थाम कर लोग महाकुंभ में चल रहे हैं। लेकिन एक महिला ऐसी थी जिसका पति महज कुछ घंटों के लिए ही उससे बिछड़ गया। और जब वो मिला तो महिला फूट फूट कर इतना रोई। इतना रोई।कि उसके आंसुओं ने बता दिया वो अपने पति से कितना प्यार करती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि इस महिला का पति सिर्फ एक घंटे के लिए महाकुंभ में बिछड़ा था। लेकिन जब मिला तो पत्नी बोली अब कभी नहीं लड़ूंगी। एक पत्नी का पति के लिए ये प्यार देख कर एक सोशल मीडिया हैंडल से लिखा गया । It's very difficult to find someone like her in Gen Z
अश्विनी यादव नाम के एक यूजर ने लिखा "भावुक कर देते हैं ऐसे वीडियो, एक महिला का पति सिर्फ 1 घंटे के लिए महाकुंभ में बिछड़ गया था, वह महिला पुलिस वालों से और हर किसी से रोकर रिक्वेस्ट कर रही थी कि, भैया उनको खोज दो अब मैं उनसे कभी लड़ाई नहीं करूंगी, मिलने के बाद वो गले लगकर रो पड़ी"
जितेंद्र प्रताप सिंह नाम के एक यूजर ने लिखा। " यही तो भारतीय संस्कृति है"
एक सोशल मीडिया यूजर ने तो यहां तक लिख दिया। "यही है सनातनी संस्कार अपने पति से महाकुंभ मेले में बिछड़ने के बाद मिलने पर कितना भावुक हुई, बता दें कि यह बिछड़ने के 1 घंटे बाद ही प्रशासन की सहायता से मिल गए थे यह है महाकुंभ मेले में योगी जी की व्यवस्था"
पति और पत्नी के बिछड़ने की कहानी महाकुंभ तक ही सीमित नहीं है। रेलवे स्टेशनों पर भी पति पत्नी एक दूसरे से बिछड़ रहे हैं। जिन्हें मिलाने के लिए रेल विभाग के कर्मचारी भी पूरी मेहनत और लगन के साथ लगे हुए हैं। जिसकी एक तस्वीर उस वक्त देखने को मिली जब रेल मंत्रालय ने दक्षिण भारत से आए पति पत्नी को मिलाया।
ये तो रही पति के लिए पत्नी के प्यार की सच्ची कहानी। इसी महाकुंभ से एक ऐसी तस्वीर भी आई जब अपनी बुजुर्ग सास को एक बहू पीठ पर लाद कर संगम ले जा रही थी। जिस पर हर्षा पटेल नाम की एक यूजर ने लिखा। " सलाम है ऐसी बहू को श्रद्धा और आस्था ऐसे ही होती है, बड़े से बड़ा भार भी भार नहीं लगता"
सुनील नाम के एक यूजर ने इस तस्वीर पर लिखा। "ये रिया रिछारिया, ममता कुलकर्णी, आईआईटी वाले बाबा खबर नही हैं, असली खबर तो ऐसी तस्वीरों में छुपी है, चलने में असमर्थ सास की इच्छा महाकुम्भ में स्नान की थी, बहू ने उन्हें स्नान कराने का संकल्प लिया, कंधे पर लादा और पहुंच गई, ये है मेरे धर्म के पैदल सैनिक, नमन"
ऐसी ना जाने कितनी कहानियां हैं जो महाकुंभ से निकल कर सामने आ रही हैं। जो हर किसी के लिए प्रेरणा साबित हो रही है।और बता रही हैं कि इस आधुनिक समाज में आज भी सनातन धर्म की जड़ें कितनी गहरी जमी हुई हैं। जिसके दर्शन आपको तीर्थराज प्रयागराज के संगम तट पर लगे महाकुंभ मेले में देखने को मिल सकती है।
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