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Maha Kumbh: Yogi का इस्तीफा मांग रहे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को Baba Ramdev ने दिया जवाब !

Prayagraj: महाकुंभ में हुए एक हादसे के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सीएम योगी का इस्तीफा मांगने लगे तो वहीं बाबा रामदेव ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हुए क्या कुछ कहा आइये आपको सुनाते हैं !

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भगवान श्रीराम ने कभी कहा था संन्यासी से अच्छा राजा और कौन हो सकता है, एक आदर्श राजा वही है जो मन से संन्यासी हो, जिसे सिंहासन और सत्ता का लोभ न हो। वही सच्चा न्याय कर सकता है, संन्यासी की तरह जिसका न ही कोई अपना होगा, न कोई पराया होगा।

उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे भगवाधारी योगी आदित्यनाथ की ये दहाड़ बता रही है उन्हें सत्ता का ना कोई मोह है और ना ही कुर्सी का कोई लालच। क्योंकि इससे ज्यादा प्रतिष्ठा तो उन्हें मठ में मिल जाती है। ऐसी सोच वाला कोई संन्यासी जब सत्ता संभालता है तो गुंडे बदमाशों और माफियाओं के लिए जहां सख्त तेवर अपनाता है। तो वहीं जनता के दुख दर्द में दुखी होकर आंसू भी बहाता है।


तीर्थराज प्रयागराज में 13 जनवरी से सनातन धर्म का महापर्व महाकुंभ चल रहा है। जहां अब तक तीस करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। लेकिन 29 जनवरी का वो दिन भला कौन भूल सकता है जब मौनी अमावस्या के महास्नान के दिन भोर में ही मची भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई थी। ये ऐसा वक्त था जब महाकुंभ में आए तेरह अखाड़ों ने भी किसी अभिभावक की तरह योगी सरकार का साथ दिया।और ब्रह्म मुहूर्त में संगम स्नान का अपना अधिकार भी त्याग दिया क्योंकि उस वक्त इसी फैसले की जरूरत थी। नहीं तो माहौल और बिगड़ जाता। इसीलिये खुद सीएम योगी ने भी सभी तेरह अखाड़ों के साधु संतों को हिंदुओं का अभिभावक बताकर उनका आभार जताया।

महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद कुछ लोगों ने गिद्ध कौए की तरह योगी सरकार पर टूटने की पूरी तैयारी कर ली थी। और सोचा था कि संगम में डुबकी ना लगाने की वजह से साधु संत भी योगी सरकार पर टूट पड़ेंगे। लेकिन विरोधियों को यहां भी नाकामी हाथ लगी। क्योंकि महाकुंभ में पधारे तमाम साधु संतों ने इस नाजुक मौके पर योगी सरकार को कोसने की बजाए। किसी अभिभावक की तरह उनके साथ डटे रहे। जिसके लिए खुद सीएम योगी ने उन तमाम साधु संतों को धन्यवाद भी दिया।

संगम नगरी प्रयागराज में 144 साल बाद आए दुर्लभ संयोग में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है जहां अब तक 32 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं तो वहीं ये आंकड़ा 45 करोड़ पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी बात से समझ सकते हैं कि सीएम योगी ने महाकुंभ की तैयारी के लिए कैसे दिन रात एक किए हुए हैं। उन्हें तो सोने की फुर्सत भी नहीं मिल पा रही है। लेकिन इसके बावजूद अविमुक्तेशवरानंद सरस्वती जैसे शंकराचार्य भगदड़ को लेकर सीएम योगी का इस्तीफा मांग रहे हैं।जिन्हें योग गुरु बाबा राम देव ने करारा जवाब दिया।

महाकुंभ में आग लगी तो तुरंत मौके पर पहुंचे। और भगदड़ मची तब भी तुरंत एक्शन में आ गये।और न्यायिक जांच बिठाने के साथ ही खुद अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात भी की।लेकिन इसके बावजूद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सीएम योगी का इस्तीफा मांगने लगे।जबकि खुद सीएम योगी हादसे के बाद ताबड़तोड़ एक्शन ले रहे हैं।और लगातार महाकुंभ पर नजर बनाए हुए हैं। यही वजह है कि हादसे के बावजूद श्रद्धालुओं का सैलाब महाकुंभ आ रहा है।लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग जिस तरह से महाकुंभ को बदनाम करने के लिए एजेंडा चला रहे हैं 
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