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महाकुंभ की व्यवस्थाओं के बहाने Yogi पर सवाल उठा रहे थे Akhilesh, श्रद्धालुओं ने दिया जवाब !
योगी के लिए चट्टान बन गये महाकुंभ आये श्रद्धालु ! सवाल उठा रहे Akhilesh को सुनाई खरी खोटी ! देखिये महाकुंभ आये श्रद्धालुओं से संवाददाता विवेक पांडे की ख़ास बातचीत, साथ ही सोशल मीडिया पर भी अखिलेश को किस तरह से ट्रोल किया जा रहा है वो आपको देखना चाहिये।
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दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम महाकुंभ अब अपने समापन की तरफ़ बढ़ रहा है। देश दुनिया से आये करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर वापस लौट रहे हैं, कुछ अभी भी अपने परिवार के साथ आकर डुबकी लगा भी रहे हैं, इन सबके बीच राजनेता अपनी राजनीति चमका रहे हैं। इस महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में ज़ख़्मी हुए लोगों के दिलों पर मरहम लगाने के बजाये विपक्षी दल के नेता लगातार योगी सरकार पर सवाल उठा उठाकर पुराने ज़ख़्मों को कुरेदने का काम कर रहे हैं।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस रेस में सबसे आगे हैं। ख़ुद कुंभ में VIP ट्रीटमेंट लेकर डुबकी लगाकर आने वाले अखिलेश यादव अव्यवस्थाओं का जिक्र कर करके इस महाकुंभ को असफल बताने पर तुले हुए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने एक ट्वीट किया जिसमें एक बार फिर सरकार को घेरा, लेकिन इस बार महाकुंभ की जनता ने ख़ुद उन्हें करारा जवाब देकर कहा है कि ये कुंभ असफल नहीं है। महाकुंभ आये श्रद्धालुओं ने कैसी कैसी प्रतिक्रियायें दी हैं ये आपको बताए उससे पहले जरा अखिलेश यादव का ट्वीट देखिये।
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अखिलेश लिखते हैं- हमारा तो मानना है कि महाकुंभ में लगभग 60 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। सरकार इसलिए आंकड़ा घटाकर दिखा रही है क्योंकि कल को जब इंटरनेशनल मीडिया या यूनिवर्सिटी इस मेले के Administration & Management के बारे में Study करेगा तो पाएगा कि जितने लोग आए थे, उनके हिसाब से उचित प्रशासन और प्रबंधन नहीं किया गया था।जो भाजपा सरकार की नाकामी है। इसीलिए मेला फेल हो जाने के बाद ये जानबूझकर कम गिनती दिखा रहे हैं। ये मंच से मेले के बारे में चाहे कुछ बोलें लेकिन मन से ये भी जानते हैं कि मेले की असफलता के पीछे उनकी अपनी कमियाँ-ख़ामियाँ रही हैं, जिससे देश और दुनिया में उप्र की छवि को बहुत ठेस पहुंची है।
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मेले के ख़राब इंतज़ाम और बीसों किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर होने की वजह से लाखों-करोड़ों बड़े-बुजुर्ग यहां नहीं आ पाए। मंहगाई की वजह से ग़रीब यहां तक नहीं पहुंच पाए। और तो और प्रयागराज के लाखों स्थानीय निवासी भी जाम और मेहमानों की वजह से स्नान नहीं कर पाये। इसलिए हमारी माँग है कि मेले में व्यवस्थाओं को कुछ और दिनों के लिए बढ़ा दिया जाए जिससे जो वृद्ध, ग़रीब या प्रयागराजवासी स्नान से वंचित रह गये हैं, उनको पुण्य कमाने का अवसर मिल सके।
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बस अब इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया लेने के लिए NMF News के संवाददाता विवेक पांडे ने महाकुंभ आई जनता से बात की। एक एक करके सुनिये श्रद्धालुओं ने क्या जवाब दिये।
हालांकि अखिलेश ने ख़ुद महाकुंभ आकर डुबकी लगाई है, लेकिन हां एकसाथ मिलकर श्रद्धालुओं ने योगी का साथ देते हुए अखिलेश को भर भरकर नसीहतें दे डाली।
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सिर्फ़ महाकुंभ आये श्रद्धालु ही योगी के लिए चट्टान बनकर अखिलेश के सामने खड़े नहीं हुए बल्कि सोशल मीडिया पर अखिलेश ने जो पोस्ट किया है उसी पर कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन्हें सबक़ सिखाने का काम किया है। जैसे एक यूज़र ने लिखा- हम मिल्कीपुर में पराजय के बाद बढ़ती हताशा को समझ सकते हैं। ये जारी रहेगा। इसलिए, बेहतर होगा कि आप अपने ट्वीट को छोटा करें और बस यह लिखें कि कुंभ विफल है। आप 60 करोड़ या उससे कम का जिक्र क्यों कर रहे हैं। हम भारत के लोग सभी हिंदू विरोधी ताकतों को हराएंगे।
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एक और यूज़र ने लिखा- जिस तरह ये तथाकथित सेक्युलर हिंदू विरोधी नेता वक्फ़ बिल, हिंदुत्व और कुम्भ का विरोध कर रहा हैं, उससे कभी कभी सोच में पड़ जाता हूँ कि ...ये "अहीर" के बेटा हैं या किसी "जहीर" का…तो वहीं एक और यूज़र ने लिखा- कुम्भ ने कुछ गिद्धों को ऐसी तकलीफ दी है कि वो उससे उबर नही पा रहे हैं , भारत के इतिहास में आज तक इतना बड़ा महाकुंभ आयोजित नही हुआ है जिसका श्रेय सरकार और श्रद्धालुओं दोनो को जाता है , पर कुछ लोग ऐसे हैं जिनको सनातन से बहुत तकलीफ होती है।
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बहरहाल अखिलेश भले ही बार बार महाकुंभ को असफल बताकर योगी सरकार को घेर रहे हों लेकिन महाकुंभ के साथ साथ सोशल मीडिया पर मौजूद लोग भी अखिलेश पर तंज कस उन्हें करारा जवाब दे रहे हैं।