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विजय देवरकोंडा से लेकर राणा दग्गुबाती तक, ED ने क्यों 29 हस्तियों पर कसा शिकंजा?

ईडी के निशाने पर साउथ की कई जानी मानी हस्तियां आ गई हैं, जिन मशहूर हस्तियों पर ईडी ने शिकंजा कसा है, उसमें विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, मंचू लक्ष्मी, निधि अग्रवाल, और अन्य हस्तियों के नाम शामिल हैं.

विजय देवरकोंडा से लेकर राणा दग्गुबाती तक, ED ने क्यों 29 हस्तियों पर कसा शिकंजा?
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साउथ इंडस्ट्री से जुड़ी बेहद ही चौंकाने वाली ख़बर सामने आई है, जिसमें 29 मशहूर हस्तियों, जिनमें विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, मंचू लक्ष्मी, निधि अग्रवाल, और अन्य शामिल हैं, उनपर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने के आरोप में कार्रवाई की है. 

29 हस्तियों पर ईडी का शिकंजा
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दर्ज पांच प्राथमिकियों (एफआईआर) पर आधारित है. इन हस्तियों पर जंगली रम्मी, जीतविन, और लोटस365 जैसे प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करने का आरोप है, जिसके जरिए कथित तौर पर धन शोधन और अवैध जुए को बढ़ावा मिला.

देवरकोंडा और दग्गुबाती के अलावा, आरोपियों की सूची में टॉलीवुड और तेलुगु फिल्म उद्योग के कई अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं, जिनमें प्रकाश राज, मंचू लक्ष्मी, निधि अग्रवाल, प्रणिता सुभाष और अनन्या नागेला शामिल हैं. इस सूची में श्रीमुखी, श्यामला, वर्षिनी सुंदरजन, हर्षा साई, वसंती कृष्णन, अमृता चौधरी, नयनी पावनी, शोबा शेट्टी, नेहा पठान, पांडु, पद्मावती और बय्या सनी यादव जैसे प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं. 

आरोप और कानूनी कार्रवाई
व्यवसायी फणींद्र सरमा की शिकायत के बाद, हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस ने मार्च 2025 में इन हस्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), तेलंगाना गेमिंग अधिनियम, और आईटी अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए. शिकायत में दावा किया गया कि इन सेलिब्रिटी प्रचारों ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को गुमराह किया, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ. ईडी का मानना है कि इन प्रचार अभियानों के जरिए बड़ी रकम का धन शोधन हुआ, जिससे करोड़ों रुपये की अवैध आय उत्पन्न हुई.

इन हस्तियों ने रखा अपना पक्ष 
विजय देवरकोंडा की  टीम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल A23 जैसे कौशल-आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार किया, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा जुए से अलग माना गया है. उनका अनुबंध 2023 में समाप्त  हो चुका है. वहीं राणा दग्गुबाती की लीगल टीम ने कहा कि उनका गेमिंग ऐप के साथ अनुबंध 2017 में खत्म हो गया था और प्रचार केवल कानूनी रूप से अनुमत क्षेत्रों में किया गया था. 

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इसके अलावा प्रकाश राज ने  स्वीकार किया कि 2016 में उन्होंने जंगली रम्मी का प्रचार किया था, लेकिन 2017 में नैतिक कारणों से अनुबंध समाप्त कर दिया. 2021 में उनके पुराने वीडियो के अनधिकृत उपयोग पर भी उन्होंने आपत्ति जताई थी.अन्य हस्तियों ने भी इसी तरह अपने प्रचार को कौशल-आधारित और कानूनी बताते हुए आरोपों से इनकार किया है.

जांच में जुटी हुई है ईडी 
ईडी वित्तीय लेनदेन और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है.यह मामला टॉलीवुड और डिजिटल क्रिएटर इंडस्ट्री में हलचल मचा रहा है, क्योंकि यह सेलिब्रिटी प्रचार और ऑनलाइन स्कैम के बीच संबंधों पर सवाल उठाता है. ये मामला सेलिब्रिटी प्रचार की नैतिकता और जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है. 

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हालांकि, विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, और प्रकाश राज जैसे सितारों ने अपने प्रचार को कानूनी और कौशल-आधारित बताया है, लेकिन ईडी की जांच से यह स्पष्ट होगा कि क्या ये प्रचार वाकई अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे थे. फिलहाल, जांच जारी है, और यह देखना बाकी है कि यह मामला टॉलीवुड और ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर क्या प्रभाव डालेगा.

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