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सुप्रीम कोर्ट से राहत के बावजूद 'यादव जी की लव स्टोरी' पर बवाल जारी, किसान यूनियन ने किया विरोध-प्रदर्शन

अदालत से फिल्म को बड़ी राहत मिलने के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भारतीय किसान यूनियन ने फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर फिल्म के विरोध में नारेबाजी की और इसे तुरंत बैन करने की मांग उठाई.

सुप्रीम कोर्ट से राहत के बावजूद 'यादव जी की लव स्टोरी' पर बवाल जारी, किसान यूनियन ने किया विरोध-प्रदर्शन
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फिल्म यादव जी की लव स्टोरी लगातार चर्चाओं में बनी हुई है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज किए जाने के बाद भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. 

किसान यूनियन ने किया विरोध-प्रदर्शन

दरअसल अदालत से फिल्म को बड़ी राहत मिलने के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भारतीय किसान यूनियन  ने फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर फिल्म के विरोध में नारेबाजी की और इसे तुरंत बैन करने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन करेंगे. 

कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा

विरोध-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के जरिए संगठन ने कहा कि फिल्म के टाइटल और कहानी से एक विशेष समुदाय की भावनाएं आहत हो रही हैं. उनका आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है.

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कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी

कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फिल्म के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की.

SC ने रिलीज पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया था

गौरतलब है कि 25 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के टाइटल और रिलीज पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया था. अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि फिल्म के शीर्षक से किसी भी जाति या समुदाय का अपमान नहीं होता. केवल आशंका के आधार पर किसी फिल्म के टाइटल को असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता. 

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न्यायालय ने यह मामला फिल्म 'घूसखोर पंडत' से अलग बताया था और कहा कि यहां किसी समुदाय को नकारात्मक रूप में पेश करने का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता.

प्रगति तिवारी ने भी फिल्म को लेकर सफाई पेश की थी 

सोशल मीडिया पर भी फिल्म के बैन की मांग उठ रही है और फिल्म के लीड किरदारों को भी टारगेट किया गया. फिल्म में लीड रोल प्ले कर रही प्रगति तिवारी ने भी फिल्म को लेकर सफाई पेश की थी कि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जो किसी समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाए.

कब रिलीज़ होगी फिल्म

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हालांकि अब कोर्ट के फैसले से साफ है कि फिल्म में कुछ भी असंवैधानिक नहीं है. फिल्म को सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देते हुए रिलीज का आदेश पहले भी दे दिया था. फिल्म 27 फरवरी को यानी 2 दिन बाद सिनेमाघरों में रिलीज होगी. 

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