×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

टटीरी गाने पर बढ़ा विवाद, रैपर-सिंगर ने बात ना मानकर कर दी बड़ी गलती, गिरफ़्तार होंगे बादशाह!

हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस मामले में बादशाह को पूछताछ के लिए पेश होने का समन भेजा था. उन्हें शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक पानीपत में आयोग के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया था. लेकिन जब वह तय समय तक नहीं पहुंचे, तो आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए.

टटीरी गाने पर बढ़ा विवाद, रैपर-सिंगर ने बात ना मानकर कर दी बड़ी गलती, गिरफ़्तार होंगे बादशाह!
Advertisement

हरियाणवी गाने 'टटीरी' को लेकर मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है. हरियाणा राज्य महिला आयोग ने पुलिस को निर्देश दिया है कि यदि बादशाह जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए और जरूरत पड़ने पर उनका पासपोर्ट भी जब्त किया जाए, ताकि वह जांच से बचने के लिए विदेश न जा सकें. 

महिला आयोग के सामने उपस्थित नही हुए बादशाह

दरअसल, हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस मामले में बादशाह को पूछताछ के लिए पेश होने का समन भेजा था. उन्हें शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक पानीपत में आयोग के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया था. लेकिन जब वह तय समय तक नहीं पहुंचे, तो आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए. 

Advertisement

हरियाणा पुलिस को बादशाह को गिरफ्तार करने के मिले आदेश

उन्होंने कहा कि पानीपत और पंचकुला पुलिस को बादशाह के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया जाए. इसके साथ ही पूरे राज्य में यह भी सूचना जारी कर दी गई है कि जब तक बादशाह आयोग के सामने पेश नहीं होते, तब तक हरियाणा में उनके किसी भी कार्यक्रम या शो की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

पासपोर्ट जब्त करने का भी दिया आदेश

आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि अगर जांच के दौरान यह आशंका हो कि बादशाह विदेश जाकर मामले से बचने की कोशिश कर सकते हैं, तो पुलिस उनका पासपोर्ट भी जब्त कर सकती है. इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी कीमत पर जांच में ढिलाई नहीं बरती जाएगी. 

Advertisement

बादशाह के वकील आयोग के सामने पेश हुए थे

दूसरी ओर, बादशाह के वकील आयोग के सामने पेश हुए थे, लेकिन आयोग की अध्यक्ष ने उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि समन सीधे बादशाह को भेजा गया है और उन्हें खुद आयोग के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए. बादशाह के वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें महिला आयोग की ओर से एक तय समय दिया गया था. लेकिन बादशाह ने पहले ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से माफी मांगी थी और कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. 

‘इस विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता था’

इस मामले में शिकायत करने वाली सविता आर्या ने भी मीडिया से बात की. वह पानीपत की संस्था 'नारी तू नारायणी उत्थान समिति' की अध्यक्ष हैं. उन्होंने बताया कि आयोग की अध्यक्ष ने बादशाह के वकील से मिलने से साफ इनकार कर दिया था. अगर बादशाह दोपहर तीन बजे तक खुद आयोग के सामने आ जाते, तो इस विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता था. लेकिन उनके नहीं आने की स्थिति में कार्रवाई करना जरूरी हो गया. 

जानें कैसे शुरु हुआ था विवाद?

Advertisement

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब हरियाणा पुलिस ने बादशाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. पुलिस के अनुसार, गाने के वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहनी लड़कियों को हरियाणा रोडवेज की बस में नाचते हुए दिखाया गया है और उसमें कुछ ऐसे इशारे और शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, जिन्हें आपत्तिजनक माना गया है. इसी आधार पर पुलिस ने बादशाह के खिलाफ मामला दर्ज किया और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी. 

‘इस तरह के गाने समाज में गलत संदेश देते हैं’

इस मामले में सविता आर्या के अलावा एक अन्य शिकायतकर्ता शिव कुमार भी हैं, जो शिव आरती इंडिया फाउंडेशन के निदेशक हैं. उनका आरोप है कि गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द और संदर्भ महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को गलत तरीके से पेश करते हैं. इस तरह के गाने समाज में गलत संदेश देते हैं और युवा पीढ़ी पर भी नकारात्मक असर डाल सकते हैं.

यूपी राज्य महिला आयोग ने राज्य सरकार को लिखा था पत्र लिखा

वहीं, इस मामले को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा. आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि बादशाह के गाने में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा और दृश्य दिखाए गए हैं. गाने में स्कूल यूनिफॉर्म पहनी छात्राओं को अनुचित तरीके से दिखाया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों का भी अपमान होता है. ऐसे कलाकार के कार्यक्रम आयोजित होने से समाज में गलत संदेश जा सकता है.

Advertisement

‘बादशाह के शो को राज्य में आयोजित करने की अनुमति न दी जाए’

यह भी पढ़ें

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि बादशाह के किसी भी प्रस्तावित कार्यक्रम या शो को राज्य में आयोजित करने की अनुमति न दी जाए. आयोग का कहना है कि महिलाओं की गरिमा और सामाजिक मूल्यों की रक्षा करना जरूरी है और इस मामले में सख्त कदम उठाने की जरूरत है. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें