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'नोट पर भारत माता की फोटो होनी चाहिए...', गांधीजी पर सिंगर अभिजीत का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

बॉलीवुड सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य एक बार फिर विवादों में हैं. उन्होंने महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' कहे जाने पर सवाल उठाया और भारतीय करेंसी पर गांधी की जगह भारत माता की तस्वीर लगाने की मांग की. उनके बयान से सोशल मीडिया पर बहस तेज़ हो गई है.

'नोट पर भारत माता की फोटो होनी चाहिए...', गांधीजी पर सिंगर अभिजीत का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
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बॉलीवुड के मशहूर प्लेबैक सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, जो अपनी दमदार आवाज के साथ-साथ बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं, एक बार फिर चर्चा में हैं और इस बार वजह है महात्मा गांधी को लेकर दिया गया उनका विवादास्पद बयान. जहां एक ओर उनके फैंस उन्हें 90s के आइकॉनिक गानों के लिए याद करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनका सीधा-सपाट बोलने का अंदाज अक्सर उन्हें सोशल मीडिया और राजनीतिक बहसों के केंद्र में ला देता है.
"भारत माता की जय बोलते हैं, तो पिता कहां से आए?"
हाल ही में शुभांकर मिश्रा के साथ एक इंटरव्यू के दौरान अभिजीत ने ऐसा सवाल खड़ा कर दिया, जिससे बहस की एक नई लहर उठ गई. उन्होंने कहा:
“बचपन से हम भारत माता की जय बोलते आ रहे हैं. भारत हमारे लिए मां है, ये हमारी संस्कृति है. ऐसे में ‘राष्ट्रपिता’ कहां से आ गए? ये अचानक ‘पिता’ शब्द कहां से जुड़ गया, समझ नहीं आता.”

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, और जब दुनिया का अस्तित्व भी नहीं था, तब भारत था. उन्होंने वेदों, पुराणों और खगोल विज्ञान को भारत की प्राचीनता का प्रमाण बताया.

"नोटों पर भारत माता की तस्वीर होनी चाहिए"

अभिजीत भट्टाचार्य ने भारतीय करेंसी पर महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह भारत माता की छवि लगाने की वकालत की. उन्होंने कहा:“हमारी करेंसी पर भारत माता की तस्वीर होनी चाहिए. किसी पिता की नहीं. यही सही तरीका है, तभी हमारी अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी.जब उनसे पूछा गया कि क्या महात्मा गांधी उनके लिए राष्ट्रपिता नहीं हैं, तो उन्होंने बिना झिझक जवाब दिया:“मुझे नहीं पता. हो सकता है, वो गोद लिए हुए पिता हों.”

पहले भी बताया था 'पाकिस्तान का राष्ट्रपिता'

गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब अभिजीत भट्टाचार्य ने महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान दिया है. जनवरी 2024 में भी उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान गांधीजी को "पाकिस्तान का राष्ट्रपिता" बताया था. उस समय भी उनके बयान पर भारी विरोध हुआ था और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी.

बता दें संगीतकार आर.डी. बर्मन (पंचम दा) पर बात करते हुए भी अभिजीत ने एक और चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने कहा:“अगर महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कह सकते हैं, तो पंचम दा म्यूजिक के राष्ट्रपिता थे. गांधी जी पाकिस्तान के राष्ट्रपिता हो सकते हैं, भारत के नहीं. गांधी जी को भारत का राष्ट्रपिता 'गलती से' बना दिया गया.”

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

अभिजीत भट्टाचार्य के इन बयानों ने सोशल मीडिया को दो हिस्सों में बांट दिया है. जहां कुछ लोग उन्हें देश की संस्कृति के अपमान का दोषी बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे व्यक्तिगत राय बताकर बचाव कर रहे हैं. फिलहाल, उनके बयान पर कोई आधिकारिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस मुद्दे पर बहस तेज़ होती जा रही है.

खैर सवाल ये नहीं कि अभिजीत भट्टाचार्य क्या सोचते हैं  बल्कि ये है कि जब एक पब्लिक फिगर इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात करता है, तो उसका असर कितना गहरा होता है? क्या ये बयान सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए हैं या फिर इसके पीछे कोई वैचारिक सोच भी है?

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