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‘घूसखोर पंडत’ के बाद ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर विवाद, भावनओं को ठेस पहुंचाने का आरोप, 4 लोगों पर दर्ज हुई FIR

उत्तर प्रदेश में 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है. पहले सड़क पर विरोध-प्रदर्शन तक सीमित यह मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है. यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है.

‘घूसखोर पंडत’ के बाद ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर विवाद, भावनओं को ठेस पहुंचाने का आरोप, 4 लोगों पर दर्ज हुई FIR
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घूसखोर पंडत के बाद अब फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर बवाल मच गया है, जहां घूसखोर पंडित को लेकर ब्राह्मण समाज में गुस्सा देखने को मिला था. वहीं अब यादव समाज में नाराजगी बढ़ गई है. 

 यादव समुदाय ने दर्ज कराई FIR

दरअसल उत्तर प्रदेश में 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है.  पहले सड़क पर विरोध-प्रदर्शन तक सीमित यह मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है. यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है. इस कार्रवाई के बाद विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया है. 

यादव समाज ने भावनाएं आहत करने का लगाया आरोप

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जानकारी के अनुसार, एफआईआर बुधवार को संभल जिले की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी में दर्ज की गई. शिकायत गांव भकरौली निवासी अरविंद कुमार ने दर्ज कराई, जो दो दर्जन से ज्यादा लोगों के साथ थाने पहुंचे. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म का नाम और उसकी कहानी यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. 

उनका कहना है कि फिल्म में समाज को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे पूरे समुदाय की छवि खराब हो सकती है. इसी आधार पर उन्होंने फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. 

किन चार लोगों पर दर्ज हुई FIR

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है.  इनमें फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, मुख्य एक्ट्रेस प्रगति तिवारी और एक्टर विशाल मोहन शामिल हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

यादव समाज ने कई इलाकों में किया था विरोध प्रदर्शन

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दरअसल, 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर बीते कुछ दिनों से संभल और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. यादव समुदाय के लोगों का कहना है कि फिल्म का शीर्षक ही आपत्तिजनक है और जानबूझकर एक खास समाज को निशाना बनाया गया है. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर फिल्म के पोस्टर जलाए, उन्हें पैरों से रौंदा और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की. 

सिनेमा हॉल के मालिकों को गई चेतावनी

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कई जगहों पर सिनेमा हॉल संचालकों को भी चेतावनी दी गई थी कि अगर फिल्म रिलीज की गई, तो विरोध और तेज किया जाएगा. इस पूरे विवाद के बीच फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है.

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