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संघ के साथ ने बढ़ाई Yogi की पॉवर अब यूपी से रखी जाएगी हिंदू राष्ट्र की नींव

यूपी में संघ की सबसे बड़ी बैठक यूपी से संघ का नया रोडमैप, यूपी में योगी के साथ आया संघ और शक्तिशाली हुए योगी। यूपी से पूरा होगा हिंदू राष्ट्र का ख्वाब। देखिये सिर्फ़ धर्म ज्ञान पर

संघ के साथ ने बढ़ाई Yogi की पॉवर अब यूपी से रखी जाएगी हिंदू राष्ट्र की नींव
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4 जून की तस्वीर में 400 सीटों का सपना टूटा लेकिन क्या हिंदू राष्ट्र का ख़्वाब भी चक्नाचूर हुआ है, आज ये सवाल इसलिए, क्योंकि लोकसभा चुनाव के इसी रिजल्ट पर नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन की एक बड़ी टिप्पणी सामने आई। उन्होंने खुलकर कहा कि देश के नतीजे बताते हैं कि भारत हिंदू राष्ट्र नहीं है। बक़ायदा राम मंदिर का भी ज़िक्र किया।

“इतना पैसा खर्च करके राम मंदिर का निर्माण हुआ. भारत को 'हिंदू राष्ट्र' के रूप में चित्रित करना, जो महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के देश में नहीं होना चाहिए था। यह भारत की असली पहचान को नजरअंदाज करने की कोशिश है और इसे बदलना होगा” विजेता अमर्त्य सेन, नोबेल पुरस्कार।

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सत्ता के गलियारे में अमर्त्य सेन की इसी टिप्पणी के अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार कई मायने निकाले जा रहे हैं। जिस पर संघ का एक्शन प्लान भी सामने आ चुका है। जो कि यूपी के नतीजों ने सबको चौंकाया है। 400 के आँकड़े से चूकीं भाजपा को सबसे बड़ा झटका यूपी से ही लगा, ना ही मोदी की गारंटी चली और ना ही बुलडोज़र बाबा का मैजिक। तभी तो यूपी में भाजपा 33 सीटों पर ही कमल खिला पाई और अब यूपी में बीजेपी की खोई हुई ज़मीन लौटाने का काम संघ कर रहा है। 

2027 के चुनाव को देखते हुए यूपी में संघ का हिंदुत्व प्लान एक्टिव हो चुका है। अबकी बार योगी को संघ का साथ मिला है। चुनाव बीच जिस संघ को भाजपा के शीर्ष दल ने नज़रअंदाज़ किया। आज उसी संघ के साथ आ जाने से , योगी बाबा अब और भी शक्तिशाली हो चुके हैं। राजधानी लखनऊ में संघ की तीन दिवसीय बैठक हो रही है और इसी बैठक में ना सिर्फ़ हिंदू राष्ट्र का ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा बल्कि रोज़गार से लेकर जातियों में बंटे हिंदुओं के बीच पैठ बनाने के लिए किन रणनीतियों पर अबकी बार संघ की शाखाएँ काम करेगी, इस पर भी चर्चा होने वाली है। यूपी को लेकर संघ का हिंदुत्व प्लान क्या कहता है ? आईये आपको पाइंट टू पाइंट समझाते हैं। 

नतीजे आने के बाद विपक्षी ख़ेमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी जाने की भविष्यवाणी करने लगा, दावा करने लगे हार का ठीकरा भगवाधारी बाबा के सिर पर फोड़ा जाएगा। लेकिन अब जब योगी को संघ का साथ मिल चुका है, तो ऐसे में अब और भी योगी आदित्यनाथ शत्तिशाली हो चुके हैं। योगी की सरपरस्ती में संघ अपने हिंदुत्व प्लान पर काम करेगा, तीन दिवसीय बैठक में संघ द्वारा ये लक्ष्य रखे जाएँगे जैसे हर गाँव में संघ की शाखा हो, ताकी हर वर्ग के लोग शाखा से जुड़े ।दलित बस्तियों में सामाजिक समरसता के कार्यक्रम चलाए जाएँ।संघ पहली बार रोजगार बढ़ाने की योजना पर भी काम करेगा।संघ से सम्बंधित व्यवसायियों और उद्योगपतियों के बीच रोजगार सृजन को लेकर चर्चा होगी। स्टूडेंट्स को जोड़ने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा. इसके लिए संघ नए प्रचारकों को ट्रेनिंग देगा।आरएसएस युवा बिजनेसमैन को भी अपने साथ जोड़ेगा. इसके लिए भी अलग से शाखा की शुरुआत की जाएगी। 

गौर करने वाली बात ये है कि नड्डा के बयान के बाद भाजपा और RSS के रिश्तों में खटास तो आई हैं, लेकिन इस नाराज़गी से योगी बाबा का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है। अब जो कि हिंदुत्व के एजेंडे पर काम करना है, तो फ़िलहाल योगी से बढ़िया विकल्प अब संघ को कही नज़र नहीं आ रहा है। मतलब साफ़ है कि जिस साथ का इंतज़ार अब तक किया जा रहा था, वो अब योगी बाबा को मिलता दिख रहा है। हिंदुत्व की पिच पर पीएम मोदी से आगे दौड़ लगा रहे सीएम योगी आदित्यनाथ ही क्या यूपी से हिंदू राष्ट्र की नींव रखेंगे, अब ये देखना बाक़ी है।

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