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15 हजार किलोग्राम सोने से बना है तमिलनाडु का श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर, दीपावली पर उमड़ता है भक्तों का सैलाब

तमिलनाडु के वेल्लोर में स्थित श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर कोई साधारण मंदिर नहीं, बल्कि सोने से बना एक चमत्कार है. कहते हैं, यहां मां लक्ष्मी के दर्शन से हर मनोकामना पूरी होती है. आखिर क्या है इस मंदिर की वो रहस्यमयी बात, जो इसे दुनिया के सबसे अनोखे मंदिरों में शुमार करती है?

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15 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:46 AM )
15 हजार किलोग्राम सोने से बना है तमिलनाडु का श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर, दीपावली पर उमड़ता है भक्तों का सैलाब
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20 अक्टूबर को देशभर में दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा होती है और उनके साथ कुबेर भगवान की भी पूजा होती है. मां लक्ष्मी को धन और संपदा की देवी माना जाता है, लेकिन दक्षिण भारत में मां लक्ष्मी का ऐसा मंदिर है, जो सोने से बना है और श्रद्धालु दूर-दूर से मां लक्ष्मी के स्वर्ण मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं. चलिए विस्तार से जानते हैं इस मंदिर के बारे में…

7 सालों में पूरा हुआ भव्य मंदिर का निर्माण

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तमिलनाडु के वेल्लोर नगर के मलाईकोड़ी पहाड़ियों पर स्थित श्रीपुरम महालक्ष्मी का मंदिर बेहद खास है क्योंकि यह मंदिर 15 हजार किलोग्राम शुद्ध सोने से बना है. मंदिर को श्री नारायणी पीठम धर्मार्थ ट्रस्ट ने बनाया है और मंदिर की ऊपरी लेयर सोने की चादर से ढकी हुई है. मंदिर का निर्माण साल 2001 में शुरू हुआ था और यह साल 2007 में बनकर पूरा हो गया. मंदिर एक एकड़ में बना है और मंदिर की वास्तुकला दक्षिण की संस्कृति को अच्छे से दर्शाती है. मंदिर के अंदर श्रीपुरम आध्यात्मिक पार्क का भी निर्माण किया गया है. बताया जाता है कि मंदिर को बनने में 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.

दिवाली पर होता है भव्य आयोजन

दिवाली के दिन मंदिर में खास साज-सज्जा और पूजा का आयोजन होता है. मां लक्ष्मी की प्रतिमा सोने से लदी होती है. मां लक्ष्मी के भव्य सोने से लदे रूप को देखने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं. दीपावली के दिन मंदिर में विशेष पूजा और यज्ञ का आयोजन होता है. भक्त खास तौर पर दीपावली पर धन-धान्य से परिपूर्ण होने का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं.

मंदिर में स्थित है मनोकामना पूर्ति सरोवर!

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इसके साथ ही मंदिर में खास तरह के सरोवर का निर्माण किया गया है, जिसमें देशभर की सभी पवित्र नदियों का जल मिलाया गया है. इस सरोवर के जल को मनोकामना पूर्ति जल भी कहा जाता है. श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर में रात का नजारा देखने लायक होता है. मंदिर को लाइटों से सजाकर रात के समय जगमगाया जाता है. सोने की चमक और लाइटों की रोशनी मंदिर की सुंदरता में चार-चांद लगा देती हैं.

पूरे साल खुला रहता है श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर

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यह मंदिर साल के 365 दिन खुला रहता है और कभी भी श्रद्धालु आकर मंदिर का दर्शन कर सकते हैं. ध्यान रखने वाली बात यह है कि यहां श्रद्धालु परंपरागत परिधान में ही आ सकते हैं और मंदिर में दर्शन की सेवा निशुल्क है, लेकिन मां की विशेष पूजा के लिए बुकिंग करानी पड़ती है.

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