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नवरात्रि के तीसरे दिन गणगौर व्रत और पूजा का महत्व एवं शुभ-अशुभ समय

नवरात्र के तीसरे दिन सूर्योदय 6 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा. शुक्ल तृतीया रात 11 बजकर 56 मिनट तक है. नक्षत्र अश्विनी 21 को पूरे दिन और 22 मार्च की देर रात 12 बजकर 37 मिनट तक है. योग इन्द्र शाम 7 बजकर 1 मिनट तक, करण तैतिल दोपहर 1 बजकर 14 मिनट तक है.

नवरात्रि के तीसरे दिन गणगौर व्रत और पूजा का महत्व एवं शुभ-अशुभ समय
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शक्ति की आराधना को समर्पित नवरात्रि का तीसरा दिन शनिवार को है. खास बात है कि इस दिन देवाधिदेव महादेव और माता गौरा के पूजन का दिन यानी गणगौर भी पड़ रहा है. धार्मिक मान्यता है कि शिव-पार्वती की पूजा से कन्याओं को मनचाहा वर, विवाहिताओं को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

गणगौर व्रत का महत्व

दृक पंचांग के अनुसार शनिवार को चैत्र मास, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जिसे गणगौर के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व मुख्य रूप से ब्रज क्षेत्र में लोकप्रिय है. गणगौर में 'गण' का अर्थ भगवान शिव और 'गौर' का अर्थ माता पार्वती से है. कई जगहों पर शिव को 'ईसर जी' और पार्वती को 'गौरा माता' या 'गवरजा जी' के नाम से पूजा जाता है. इस व्रत और पूजन का विशेष महत्व है. अविवाहित कन्याएं पूर्ण श्रद्धा से व्रत रखकर मनचाहा वर प्राप्ति की कामना करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए पूजा करती हैं. गणगौर की पूजा में महिलाएं विधि-विधान से पूजन करती हैं.

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पंचांग अनुसार दिन और समय

नवरात्र के तीसरे दिन सूर्योदय 6 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा. शुक्ल तृतीया रात 11 बजकर 56 मिनट तक है. नक्षत्र अश्विनी 21 को पूरे दिन और 22 मार्च की देर रात 12 बजकर 37 मिनट तक है. योग इन्द्र शाम 7 बजकर 1 मिनट तक, करण तैतिल दोपहर 1 बजकर 14 मिनट तक है.

शुभ मुहूर्त

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21 मार्च के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक है. वहीं, अमृत काल शाम 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा.

अशुभ समय

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अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है. इस दिन राहुकाल सुबह 9 बजकर 26 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक, यमगंड दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 31 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 6 बजकर 24 मिनट से 7 बजकर 55 मिनट तक रहेगा. इस दौरान कोई नया या शुभ कार्य करना वर्जित रहता है.

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