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पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के बीच खुदाई से बाहर आया शाही नाला, जानिए पूरा मामला

शिव के त्रिशूल पर टिकी आज की काशी को क्योटो बनाने के लिए अनगिनत ड्रीम प्रोजेक्ट चल रहे हैं, बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद काशी में देश का पहला अर्बन रोप-वे बनाने का ख़्वाब पीएम मोदी ने दिखाया और आज उन्हीं के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर शाही नाले का ग्रहण लग गया है. पीएम मोदी की राह में रोड़ा बना शाही नाला क्या उनके ड्रीम प्रोजेक्ट को बर्बाद कर देगा ?

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के बीच खुदाई से बाहर आया शाही नाला, जानिए पूरा मामला
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नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इकलौते ऐसे सपनों के सौदागर हैं, जो ख़्वाब दिखाने के साथ-साथ उसे हक़ीक़त में तब्दील करने की ताक़त रखते हैं, तभी तो पिछले 11 सालों से देश की सत्ता पर आसीन हैं. बैक टू बैक मिली ऐतिहासिक जीत के दम पर भारत के किंग बने हुए हैं , गुजरात से आने वाले पीएम मोदी की इस वक़्त की कर्मभूमि काशी बनी हुई है, जिस कारण उनके सपनों का काशी दिनों दिन संवर रहा है. शिव की नगरी काशी के प्रति पीएम मोदी का लगाव कितना गहरा है इसका अंदाज़ा इसी से लगाइये बतौर प्रधानमंत्री उम्मीदवार अपने करियर का पहला लोकसभा चुनाव उन्होंने काशी से लड़ा और काशीवासियों ने भी उन पर भरोसा जताकर देश की गद्दी पर बिठाया. शिव के त्रिशूल पर टिकी आज की काशी को क्योटो बनाने के लिए अनगिनत ड्रीम प्रोजेक्ट चल रहे हैं, बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद काशी में देश का पहला अर्बन रोप-वे बनाने का ख़्वाब पीएम मोदी ने दिखाया और आज उन्हीं के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर शाही नाले का ग्रहण लग गया है. पीएम मोदी की राह में रोड़ा बना शाही नाला क्या उनके ड्रीम प्रोजेक्ट को बर्बाद कर देगा ? 40 दिनों की मोहलत के बाद शिव भक्त पीएम मोदी क्या करेंगे ? .

शिव भक्त पीएम मोदी का सपना है, काशी में अर्बन रोप-वे बनाना है. जिसकी नींव 24 मार्च 2023 में रखी गई। 807 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इसी अर्बन रोप-वे के लिए बक़ायदा स्विट्जरलैंड कंपनी की सहायता ली गई. इस रोप वे के बन जाने के बाद हर दिन करीब 60 से 80 हजार लोग सफर कर सकेंगे।जिसके लिए कैंट से गोदौलिया के बीच कुल 4 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. 4 किलोमीटर के इस सफर को अभी तय करने में करीब 40 से 45 मिनट का समय लगता है, लेकिन इस रोप वे के शुरु होने के बाद पर्यटक 15मिनट में ये दूरी तय कर सकेगा. ये ड्रिम प्रोजेक्ट ना सिर्फ़ पर्यटकों के आनंद को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, बल्कि इससे शहर की परिवहन व्यवस्था की बेहतरी में भी तेज़ी आएगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी ड्रीम पर अब शाही नाले का ग्रहण लग गया है. बीते दिनों रोप वे के पिलर की खुदाई में 25 फीट नीचे शाही नाला मिला. जिसके बाद प्रोजेक्ट के कार्य पर फ़ुलस्टॉप लगाना पड़ा। बताया जा रहा है कि अंग्रेजों के ज़माने का यही शाही नाला अब पीएम मोदी की राह का सबसे बड़ा रोड़ा है.

गौर करने वाली बात ये कि अर्बन रोप वो का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है इसी साल इस रोप वे का उद्घाटन होना है, ऐसे में शाही नाले की रुकावट  को अब कैसे हटाया जाएगा , ये तो समय बताएगा.

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