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गोरखनाथ की चौखट से योगी बाबा को लेकर एक और योगी की भविष्यवाणी

राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में महंत बालकनाथ योगी ने योगी बाबा की शान में कसीदे पढ़े। बालकनाथ ने नाथ परंपरा का बखान करते हुए सबसे पहले तो योगी बाबा को महंत अवेद्यनाथ का प्रतिरूप बताया फिर उसे बाद राम-रावण के बीच का फ़र्क़ बताया। संत समाज को अपमानित करने वालों की हैसियत दिखाई। फिर अपने गुरु भाई को दंडाधिकारी बताकर जो कुछ भी कहा उसे सुनने के बाद योगी विरोधी बौखला जाएँ….देखिये गोरखनाथ मंदिर की चौखट से बाबा बालकनाथ क्या कुछ बोले।

गोरखनाथ की चौखट से योगी बाबा को लेकर एक और योगी की भविष्यवाणी
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आज के योगी में अगर कल का मोदी देखा जा रहा है तो योगी के पीछे एक और योगी खड़ा हो चुका है। भारत का आने वाला समय संत परंपरा के नाम है। केंद्र की गद्दी पर पहले से ही एक सन्यासी बैठा हुआ है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद इस बात का खुलासा कई दफ़ा कर चुके हैं कि अपने जीवन का एक लंबा समय बतौर सन्यासी वो हिमालय की गोद में बिता चुके हैं और अब उनके बाद भगवाधारी योगी को खड़ा किया जा रहा है। यानी की भारत की सत्ता संतों के हाथ में ही रहेगी, ये तो तय है लेकिन कल के मोदी में जिस नये भारत की तस्वीर उभरेगी, उससे जुड़ी भविष्यवाणियाँ एक नये योगी ने की है।योगी की तरह एक और योगी हैं, जो नाथ संप्रदाय से तालुख रखते हैंऔर अब जब इस योगी को बोलने का मौक़ा मिला, तो इन्होंने गोरखनाथ की चौखट से योगी बाबा की शान में कसीदे पढ़ दिये।अपने गुरु भाई को लेकर महंत बालकनाथ योगी क्या कुछ बोल गये, जिसे सुनकर योगी विरोधी धुआँ-धुऑं हो रखे हैं। 

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो या फिर राजस्थान से बीजेपी सांसद बालकनाथ योगी  ये दोनों ही राजनीतिक हस्ति , आज की डेट में जिस नाथ संप्रदाय से आती हैं, क्या आप जानते हैं कि उसी नाथ संप्रदाय से जुड़े नाथ साधु । दुनिया भर में भ्रमण के बाद, उम्र के अंतिम चरण में, किसी एक स्थान पर रुकते हैं और वहां अखंड धूनी रमाते हैं। ये लोग 12 साल की कठोर तपस्या के बाद ही संन्यासी का जीवन धारण कर पाते हैं। इन नाथ साधुओं का ठिकाना कही और नहीं, बल्कि हिमालय की गुफाओं में रहता है और तो और प्राचीनकाल से चले आ रहे नाथ संप्रदाय का स्वामी..कोई और नहीं, बल्कि स्वयं भोलेनाथ हैं। यही कारण है कि राष्ट्र निर्माण में नाथ संप्रदाय से जुड़े नौ नाथ, 84 सिद्धों  की एक निर्णायक भूमिका रही है। आलम ये है कि अब गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर में भारत का भविष्य देखा जा रहा है।  हाल ही में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में महंत बालकनाथ योगी ने योगी बाबा की शान में कसीदे पढ़े। बालकनाथ ने नाथ परंपरा का बखान करते हुए सबसे पहले तो योगी बाबा को महंत अवेद्यनाथ का प्रतिरूप बताया  फिर उसे बाद राम-रावण के बीच का फ़र्क़ बताया। संत समाज को अपमानित करने वालों की हैसियत दिखाई। फिर अपने गुरु भाई को दंडाधिकारी बताकर जो कुछ भी कहा उसे सुनने के बाद योगी विरोधी बौखला जाएँ। देखिये गोरखनाथ मंदिर की चौखट से बाबा बालकनाथ क्या कुछ बोले।

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