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PM मोदी के खिलाफ अमेरिका ने रची बड़ी साज़िश, जोशुआ प्रोजेक्ट से हिंदुओं को मिटाने का प्लान !

पीएम मोदी के साथ अमेरिका का विश्वासघात ! हिंदू राष्ट्र से हिंदुओं को मिटाने की साज़िश ! जोशुआ प्रोजेक्ट से सनातन का ख़ात्मा ! हिंदुओं को क्रिश्चियन बनाने का षड्यंत्र !

PM मोदी के खिलाफ अमेरिका ने रची बड़ी साज़िश, जोशुआ प्रोजेक्ट से हिंदुओं को मिटाने का प्लान !
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भारत से सात समंदर पार अमेरिका, एक ऐसा देश जिसकी गिनती विश्व के पॉवरफुल देशों में होती है, आज की डेट में एक ऐसी विश्व शक्ति, जिसके आगे टिक पाना आज भी किसी चुनौती से कम नहीं। इस विकसित देश में, 16 साल की उम्र से आप कार चला सकते हैं, 18 की उम्र से पिस्तौल रख सकते, वोट दे सकते हैं और 21 साल होने पर शराब खरीद सकते हैं। यहाँ आकर उच्च शिक्षा हासिल करना और नौकरी करना, डॉलर में कमाना, अमूमन भारतीयों का ख़्वाब होता है और आज अपने इसी ख़्वाब को हक़ीक़त का रूप दे चुके भारतीय पूरे अमेरिका को चला रहे हैं। Microsoft से लेकर Google और You Tube जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों के शीर्ष पर भारतीय मूल के लोग काबिज है। मुल्क की राजनीति भी हिंदुओं के ईर्द-गिर्द घूमती है, मुल्क की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं, राष्ट्रपति बाइडेन की कैबिनेट आधे से ज्यादा हिंदू senates से भरी पड़ी है, वहीं अमेरिकी संसद से हिंदुओं के लिए हिंदू धर्म को लेकर हिंदुओं के तीज त्यौहारों को लेकर प्रस्ताव पारित किये जा रहे हैं, क़ानून बनाए जा रहे हैं। 

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एक तरह से देखें, तो अमेरिका पर हिंदुत्व का रंग चढ़ता जा रहा है, लेकिन अमेरिका का एक और रंग है, जिसमें सिर्फ़ और सिर्फ़ षड्यंत्र, साज़िश, विश्वासघात दिखता है।  आपको ये जानकर ताझुग होगा कि अमेरिकी धरती से हिंदुओं के अस्तित्व को मिटाने की साजिश रची जा रही है और स्वाभाविक सी बात है। जब हिंदू ही नहीं रहेंगे, तो फिर भारत किस बात का हिंदू राष्ट्र रह जाएगा ? आख़िरकार जोशुआ प्रोजेक्ट क्या है, जिसकी आड़ में हिंदुओं को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, क्या ये अमेरिका की साज़िश है या फिर पीएम मोदी की दोस्ती से विश्वासघात ? 

लव जिहाद के ख़िलाफ़ योगी बाबा उम्रक़ैद वाला क़ानून ले कर आ चुके हैं। असम के सीएम हिमंता बिस्वा हो या फिर देवभूमि उत्तराखंड की धामी सरकार देशभर में धर्मांतरण के ख़िलाफ़ लव जिहाद के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त क़ानून लाए जा रहे हैं लेकिन जोशुआ प्रोजेक्ट  के आगे देश के इन्हीं क़ानूनों की धज्जियाँ उड़ चुकी हैं। ईसाइयत को बढ़ावा देने के लिए 1995 में अमेरिकी धरती पर जोशुआ संगठन की नींव रखी गई और आज यही संगठन एक मिशन के तहत हिंदुओं को ईसाई बना रहा है। 

ख़ुद जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट बताती है कि यह बाइबल में दिए गए एक निर्देश पर काम करता है और सिर्फ़ भारत ही इनके टार्गेट में नहीं है, बल्कि दुनियाभर में ईसाईयत को फैलाना इनका मक़सद है। इसी मिशन को लेकर दैनिक भास्कर की तहक़ीक़ कई खुलासे करती हैं। रिपोर्ट दावा करती है कि हर साल करीब 24 लाख लोगों को ईसाई बनाया गया जो कि जोशुआ प्रोजेक्ट का मक़सद ईसाई धर्मांतरण बढ़ाना और जगह-जगह चर्च बनाना है, इसलिए कई तरह के प्रलोभन भी दिये जाते हैं। जैसे मुफ्त शिक्षा, पीएम आवास दिलाने का लालच, फ्री हेल्थ कैंप, पहले दो साल धर्म की पढ़ाई कराएँगे, फिर प्रचार के लिए 2 हज़ार रुपय सैलरी भी देंगे। बक़ायदा एजेंट की आड़ में हिंदुओं का ब्रेनवाश करके उन्हें ईसाई बनाया जा रहा है और उन्हीं लोगों को टार्रगेट किया जा रहा है जो पिछड़ा हुआ है, आर्थिक रूप से बदहाल है या फिर अनपढ़ है। 

हर साल 24 लाख हिंदुओं का Baptizam मतलब 100 में से 4 लोग धर्म बदल रहे हैं और इसी जोशुआ प्रोजेक्ट की पोल पट्टी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने भी खोली है। किस प्रकार से पीएम मोदी की नाक के नीचे अमेरिकी धरती से हिंदू राष्ट्र को मिटाने की साज़िश रची जा रही है। 

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