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दिव्यांग लड़की के साथ दरिंदगी… 17 आरोपियों का DNA टेस्ट, पिता ही निकला बेटी का बलात्कारी

एक लड़की जो बोल नहीं सकती, सुन नहीं सकती. उसके साथ पिता ने कई बार रेप किया. मामले का खुलासा तब हुआ जब लड़की को पेट दर्द के बाद हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया, जहां पता चला वह 5 महीने की प्रेग्नेंट है.

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06 Feb 2026
( Updated: 06 Feb 2026
08:00 AM )
दिव्यांग लड़की के साथ दरिंदगी… 17 आरोपियों का DNA टेस्ट, पिता ही निकला बेटी का बलात्कारी
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पिता को बच्चों का वो साया माना जाता है जो धूप में छांव की तरह होता है, गहरे अंधेरे में जुगनू की तरह जलकर राह दिखाता है, जिसे बच्चे का सुरक्षा कवच माना जाता है लेकिन क्या हो जब वो ही पिता बच्चों के लिए दरिंदा बन जाए, जो अपनी ही बेटी का बलात्काली बन जाए. ये हैरान कर देने वाला मामला मुंबई से आया है. जहां एक मूक बधिर दिव्यांग लड़की के साथ उसी के पिता ने कई बार रेप किया. मामले का खुलासा DNA टेस्ट से हुआ. 

मुंबई के कफ परेड इलाके में एक 20 साल की लड़की के साथ उसके पिता ने कई बार रेप किया. बेटी न बोल सकती थी, न सुन सकती थी. इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश तब हुआ जब पेट में दर्द की शिकायत के बाद पीड़िता को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया. जहां पता चला वो पांच महीने की प्रेग्नेंट है. DNA टेस्ट हुआ तो पता चला पेट में पल रहे बच्चे का पिता पीड़िता का ही सगा बाप है. 

17 लोगों के सैंपल में पिता का DNA मैच 

मामला सितंबर 2025 का है, जब पीड़िता ने इशारे में पेट दर्द की शिकायत की. इसके बाद उसे मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया. मेडिकल जांच में सामने आया कि लड़की प्रेग्नेंट है. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी. पीड़िता का अबॉर्शन करवा दिया गया था, लेकिन भ्रूण को DNA सैंपल टेस्ट के लिएे भेजा गया था. 27 जनवरी को फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आई. इसमें भ्रूण के DNA सैंपल और पिता के DNA सैंपल मैच हो गए. पुलिस ने 3 फरवरी को बलात्कारी पिता को अरेस्ट कर लिया. इस दौरान पुलिस ने लड़की के घर के आस-पास रहने वाले अन्य 16 लोगों के भी DNA सैंपल लिए थे. पुलिस के मुताबिक, पिता ने मार्च से सितंबर के बीच बेटी के साथ कई बार हैवानियत की. 

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पुलिस को पिता पर कैसे हुआ शक? 

मामले की जांच के दौरान 22 सितंबर 2025 पुलिस ने केस दर्ज किया. कई लोगों और परिवार से पूछताछ की. चूंकि पीड़िता मूक बधिर है इसलिए पुलिस को उसके बयान दर्ज करने में काफी दिक्कतें आईं. इस दौरान पुलिस ने एक NGO की मदद ली. लड़की की काउंसिलिंग हुई, पांच दिनों तक थेरेपी चली. जिसमें लड़की ने अपने साथ हुई दरिंदगी को बयां किया. 

यह भी पढ़ें- रक्षक बना भक्षक: महिला पुलिसकर्मियों के वॉशरूम में लगा था हिडन कैमरा, सब इंस्पेक्टर ही निकला आरोपी, अरेस्ट

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पिता ने बेटी के साथ किसी भी तरह के यौन शोषण से इंकार कर दिया था. यहां तक कि FIR से भी इंकार कर दिया था. जो जानकारी मिली उसके अनुसार पुलिस ने दो लोगों को अरेस्ट भी किया था. जांच का दायरा बढ़ा और करीब 17 लोगों के DNA सैंपल जांच के लिए गए. जिसमें पीड़िता के पड़ोसी, परिवार के सदस्य और पिता भी शामिल थे. जांच में पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि इसमें किसी बाहरी शख्स का हाथ नहीं बल्कि घर का ही सदस्य शामिल है. इसके बाद DNA रिपोर्ट ने पिता का सच सामने ला दिया. 

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पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. इसमें दिव्यांग व्यक्ति पर यौन हमला, दिव्यांग अधिकार कानून की धाराएं और दुष्कर्म से जुड़ी धाराएं जोड़ीं गईं. पुलिस की कोशिश है कि न्यायालय के सामने मामले को पेश करते हुए आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए. 

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