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ग्रेटर नॉएडा से बदल जाएगी यूपी-बिहार की रेल यात्रा, 70 ट्रेनों का नया ठिकाना तैयार

यह स्टेशन दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित होगा और यहां से वंदे भारत सहित लगभग 70 ट्रेनें चलाई जाएंगी. बोड़ाकी रेलवे स्टेशन में 13 प्लेटर्फोर्म बनेंगे।भविष्य में इस संख्या के और बढ़ने की संभावना है. इस परियोजना को स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट घोषित किया जा चुका है, जिससे इसके निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है.

ग्रेटर नॉएडा से बदल जाएगी यूपी-बिहार की रेल यात्रा, 70 ट्रेनों का नया ठिकाना तैयार
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Indian Railway: ग्रेटर नोएडा स्थित बोड़ाकी गांव में एक अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) विकसित किया जा रहा है, जिसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया जाएगा. यह स्टेशन दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित होगा और यहां से वंदे भारत सहित लगभग 70 ट्रेनें चलाई जाएंगी. बोड़ाकी रेलवे स्टेशन में 13 प्लेटर्फोर्म बनेंगे।भविष्य में इस संख्या के और बढ़ने की संभावना है. इस परियोजना को स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट घोषित किया जा चुका है, जिससे इसके निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है. रेल मंत्रालय और डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन की टीम द्वारा साइट का हाल ही में निरीक्षण भी किया गया है. परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसके लिए खुदाई का काम शुरू हो चुका है.

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में मिलेंगी सभी यातायात सुविधाएं

इस हब को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसमें ट्रेन, मेट्रो और बस – तीनों यातायात साधनों की सुविधा एक ही परिसर में मिलेगी,बोड़ाकी में बनने वाला यह हब लगभग 358 एकड़ में फैला होगा. यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां कोच मेंटेनेंस यार्ड, जल शोधन संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य बुनियादी संरचनाएं भी विकसित की जाएंगी. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना के लिए जमीन निशुल्क उपलब्ध करा रहा है और कुल लागत लगभग 1625 करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना का खर्च डीएमआईसी द्वारा वहन किया जाएगा और इसे 2 से 3 वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

दो प्रमुख जोन में बांटा गया परिसर

पूरे ट्रांसपोर्ट हब को दो मुख्य जोन में विभाजित किया गया है, जिनमें अलग-अलग सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

जोन-1: इस क्षेत्र में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), लोकल बस टर्मिनल (LBT) और मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम की व्यवस्था होगी. इसके साथ ही यहां वाणिज्यिक और खुदरा व्यापार के लिए भी विशेष स्थान निर्धारित किया जाएगा.

जोन-2: इस जोन में मुख्य रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा. साथ ही इसमें होटल, रेलवे ओवरब्रिज, बहुमंजिला पार्किंग, रेलवे यार्ड और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

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एक्वा मेट्रो लाइन का होगा विस्तार

परियोजना का एक अन्य अहम हिस्सा मेट्रो कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है. इसके तहत ग्रेटर नोएडा की एक्वा मेट्रो लाइन का विस्तार डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक किया जाएगा. इसके लिए 2.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा. इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है. जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) इस रूट के लिए डिजाइन कंसल्टेंट की नियुक्ति करेगा और बाद में निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे.

क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय बस सेवाएं भी होंगी चालू

रेल और मेट्रो के अलावा, इस ट्रांसपोर्ट हब से लगभग 80 बसों का संचालन भी किया जाएगा, जिनमें क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय रूट्स शामिल होंगे. इससे यात्रियों को एक ही स्थान पर पूरी यात्रा व्यवस्था मिलेगी और उनका समय और प्रयास दोनों की बचत होगी. यह स्टेशन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के यात्रियों के लिए भी एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है.

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