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बजट के दिन भी नहीं थमेगा शेयर बाजार, रविवार को खुले रहेंगे बीएसई-एनएसई
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट 2026 संसद में पेश करेंगी. बजट के चलते रविवार को बीएसई, एनएसई और एमसीएक्स में स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रहेगा.
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Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी यानी रविवार को यूनियन बजट 2026 पेश करने वाली हैं. आम तौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट के चलते इस बार रविवार को घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई और एनएसई खुले रहेंगे. इसके साथ ही कमोडिटी मार्केट यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) भी स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के तौर पर खुला रहेगा.
यह कोई पहली बार नहीं है जब छुट्टी वाले दिन शेयर बाजार खुला रहेगा, पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि जब 1 फरवरी को बजट पेश हुआ है और उस दिन छुट्टी रहा है, तब भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग कराई गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने क्या कहा?
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने सर्कुलर में कहा है कि 'केंद्रीय बजट पेश होने के चलते, सदस्यों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि एक्सचेंज 1 फरवरी 2026 को मानक बाजार समय (सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक) के अनुसार लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेगा. चूंकि यह सेटलमेंट हॉलिडे है, इसलिए 30 जनवरी को खरीदे गए शेयर 1 फरवरी को बेचे नहीं जा सकेंगे। इसी तरह, बजट वाले दिन खरीदे गए शेयर अगले दिन बेचना संभव नहीं होगा.
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9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. यह किसी भी वित्त मंत्री के लिए सबसे लंबे लगातार कार्यकालों में से एक है. यह 2024 में एनडीए सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट भी होगा. इसके साथ ही एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का ध्यान सरकार के कर्ज, राजकोषीय घाटे और अगले साल की उधारी योजना पर रहेगा. विश्लेषकों का मानना है कि उधारी में साल-दर-साल करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के लगभग 4.1 से 4.2 प्रतिशत के आसपास रह सकता है.
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बताते चलें कि बजट से जुड़े सभी दस्तावेज आर्थिक मामलों का विभाग तैयार करता है. इनमें सरकार के खर्च, आमदनी और आने वाले वित्त वर्ष के लिए नई योजनाओं का पूरा ब्योरा होता है. इससे पहले 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 संसद में पेश किया गया था. इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस को इसकी जानकारी दी थी.